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पुणे: नमाज के बाद सिर पर रूमाल बांधे ऑफिस पहुंचा मुस्लिम शख्स, कंपनी ने छीन ली नौकरी

अमन खान के मुताबिक, समस्या बीते 6 अप्रैल को शुरू हुई थी। जब वह जुमे की नमाज के लिए मस्जिद में गया था। आॅफिस लौटते वक्त वह अपने सिर पर बंधे रुमाल को निकालना भूल गया और काम करना शुरू कर दिया। ये बात अमन खान के मैनेजर को नागवार गुजरी।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पुणे के रहने वाले एक शख्स को कनाडा की आईटी कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया है। नौकरी से निकाले जाने पर शख्स ने सूचना तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी पर धार्मिक आधार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। आरोप लगाने वाले शख्स का नाम अमन खान है। वह एक्सफो कंपनी का कर्मचारी था। एक्सफो कंपनी क्यूबेक आधारित आईटी कंपनी है, जिसका दफ्तर पुणे के मगरपट्टा में था। उसने बताया कि उसे कुछ महीनों पहले ही प्रमोशन मिला था। अमन खान के मुताबिक, समस्या बीते 6 अप्रैल को शुरू हुई थी। जब वह शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए स्थानीय मस्जिद में गया था। आॅफिस लौटते वक्त वह अपने सिर पर बंधे रुमाल को निकालना भूल गया और काम करना शुरू कर दिया। क​थित तौर पर ये बात अमन खान के मैनेजर किशोर कोटेचा को नागवार गुजरी। उन्होंने उसे अपने केबिन में बुलाया और उसके धार्मिक रीति-रिवाजों को लेकर उसकी निंदा की।

इस पूरी बातचीत से नाराज होकर अमन खान ने इस मामले को कंपनी के एचआर के पास उठाया। लेकिन मैनेजर पर एक्शन लेने के बजाय कंपनी प्रबंधन ने उसे मीटिंगों के लिए बुलाना शुरू कर दिया। उस पर अपनी शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। जब अमन खान ने इस बात से इंकार कर दिया तो उसे बीते 12 जून को नौकरी से निकाल दिया गया। अमन खान ने इस भेदभाव के खिलाफ कंपनी के कनाडा मुख्यालय को भी मेल भेजे थे लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।

अमन खान अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य है। उनके परिवार में 12 सदस्य हैं, जिनमें और बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। अमन ने कंपनी की कार्रवाई के खिलाफ बीते 12 जून को लेबर कोर्ट में अपील की। अमन का आरोप था कि सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी ने उनका धार्मिक और मानसिक शोषण किया है। कंपनी को 29 जून को मीटिंग के लिए बुलाया गया है। हाल ही में ट्विटर दो धड़ों में बंट गया था। इसका कारण ये था कि उत्तर प्रदेश की एक महिला ने एयरटेल से कहा था कि वह अपने ग्राहक सेवा प्रतिनिधि को बदल दें क्योंकि वह मुसिलम था। कंपनी ने तत्काल उस ग्राहक सेवा प्रतिनिधि की जगह कॉल को एक सिख ग्राहक सेवा प्रतिनिधि को ट्रांसफर कर दी थी।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने अपना मोबाइल आॅपरेटर, एयरटेल डीटीएच और ब्रांडबैंड सेवा प्रदाता एयरटेल को बदल दिया है। कुछ महीनों पहले ही लखनऊ में विश्व हिंदू परिषद के एक कार्यकर्ता ने मिलते-जुलते विवाद को जन्म दिया था, जब उन्होंने मुस्लिम ड्राइवर के साथ ओला कैब में सफर करने से इंकार कर दिया था। उसके ट्वीट की सभी जगह निंदा हुई थी जबकि सेवा प्रदाता कंपनी ओला ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी।

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