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बेटे का नाम रखने के लिए करवाया चुनाव, रिलेटिव ने डाले वोट

कई दिनों से बच्चे के नाम को लेकर उनके बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। आखिरकार इस दंपत्ति ने अपने बच्चे का नाम तय करने के लिए चुनाव कराने का विकल्प चुना। जिसके बाद चुनाव आयोग की ही तर्ज पर बालक नाम चयन आयोग का गठन भी किया गया।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

अक्सरहा मां-बाप अपने बच्चों के नामकरण को लेकर काफी उत्सुक रहते हैं। घर के नन्हे सदस्य का नाम क्या होगा? इसपर काफी सोच विचार करने के बाद कई बार तो रिश्तेदारों की राय लेने के बाद ही नए मेहमान का नाम तय हो पाता है। लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है कि कोई माता-पिता अपने बच्चे का नाम रखने के लिए चुनाव करवाए। जी हां, दुनिया में चुनाव तो अब तक सरकार बनाने के लिए या फिर कुछ अति महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों के लिए ही होते आए हैं, लेकिन महाराष्ट्र में एक बच्चे के नाकरण के लिए बाकायदा चुनाव कराया गया।

यह कहानी है महाराष्ट्र के गोंदिया में रहने वाले दंपत्ति मिथुन और मानसी की। 5 अप्रैल को इस दंपत्ति के घर बेटे का जन्म हुआ। बेटे के जन्म के बाद से ही दंपत्ति अपनी संतान का नामकरण करना चाहते थे, लेकिन कई दिनों से बच्चे के नाम को लेकर उनके बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। आखिरकार इस दंपत्ति ने अपने बच्चे का नाम तय करने के लिए चुनाव कराने का विकल्प चुना। जिसके बाद चुनाव आयोग की ही तर्ज पर बालक नाम चयन आयोग का गठन भी किया गया।

ऐसे हुआ चुनाव : दंपत्ति ने अपनी समस्या का समाधान ढूंढने के लिए अपने सारे रिश्तेदारों को 15 अप्रैल को एक जगह इकठ्ठा किया। इस दिलचस्प चुनाव में एक तरफ पति थे और दूसरी तरफ पत्नी जबकि वोटर्स की भूमिका में घर के रिश्तेदार थे। इसके बाद पति-पत्नी ने अपने बेटे के तीन नाम यक्ष, युवान और यॉविक रिश्तेदारों के समक्ष रखे। मतपत्र के रुप में तीनों नाम लिखकर रिश्तेदारों को दिये गये। अब रिश्तेदारों से यह कहा गया कि जो नाम सबसे ज्यादा उन्हें पसंद है उसे एक पर्ची पर लिखकर वो अपना वोट दें।

इसे मिला सबसे ज्यादा वोट: मतदान खत्म होने के बाद वोटों की गिनती से यह पता चला कि इस चुनाव में कुल 192 वोट पड़े। सबसे ज्यादा वोट ‘युवान’ नाम को पड़ा है। लिहाजा गिनती खत्म होने के बाद ‘युवान’ नाम के जीत का ऐलान कर दिया गया और बच्चे नाम रखा गया युवान।

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