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एक रुपये फीस पर दो डॉक्टर भाई करते हैं मुफ्त इलाज, दो दिन में देखे 100 मरीज, दवाओं पर भी दी 15-20 फीसदी की छूट

इन दोनों डॉक्टर भाइयों ने सेंट्रल रेलवे के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है जिसके मुताबिक अलग-अलग स्टेशनों पर 19 जगहों पर क्लिनिक खोलने की इनकी योजना है।

चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

आज के समय में जहां अधिकांश डॉक्टर मरीजों से अधिक से अधिक पैसा वसूलने, दवाओं और जांच में कमीशन लेने के लिए बदनाम हो रहे हैं, वहीं मुंबई में दो डॉक्टर भाई ऐसे भी हैं जो मानवता की सेवा के लिए 12-12 घंटे मरीजों का मुफ्त इलाज कर रहे हैं। शुल्क के नाम पर ये डॉक्टर मरीज से मात्र एक रुपया लेते हैं। मुंबई के घाटकोपर रेलवे स्टेशन पर डॉक्टर भाइयों डॉ. राहुल और डॉ. अमोल घुले की क्लिनिक है। उनकी क्लिनिक का उद्घाटन बुधवार (10 मई) को ही हुआ है लेकिन दो दिनों में इन दोनों भाइयों ने 100 से ज्यादा मरीज देखे हैं। इनकी क्लिनिक में तीन एमबीबीएस डॉक्टर के अलावा विजिटिंग एमडी स्पेशलिस्ट भी हैं।

डॉक्टर भाइयों द्वारा चलाया जा रहा यह क्लिनिक अपने तरह का पहला और अनूठा क्लिनिक है। ऑर्थर रोड जेल के मेडिकल अफसर रह चुके डॉ. राहुल ने कहा कि उन्हें यह आइडिया उन रोगियों को देखकर आया जो मल्टी या सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का खर्चा नहीं उठा पाते हैं। उन्होंने कहा, “सरकारी अस्पताल भी आउटडोर मरीजों से 10-10 रुपये चार्ज करते हैं लेकिन हमलोग सुविधा शुल्क के नाम पर सिर्फ 1 रुपया लेते हैं।” उन्होंने कहा, “हमलोग दवाइयों पर भी मरीजों को 15 से 20 फीसदी छूट दे रहे हैं।”

एचटी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक इन दोनों डॉक्टर भाइयों ने सेंट्रल रेलवे के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है जिसके मुताबिक अलग-अलग स्टेशनों पर 19 जगहों पर क्लिनिक खोलने की इनकी योजना है। इनका कहना है कि ऐसे क्लिनिक्स दुर्घटना के एक घंटे के अंदर लोगों को मेडिकल ट्रीटमेंट उपलब्ध कराएंगे। मालूम हो कि बड़ी दुर्घटनाओं के मामले में पहला घंटा काफी अहम माना जाता है। अधिकांश केसेज में पहले घंटे में ही इलाज के अभाव में दुर्घटनाग्रस्त मरीजों की मौत हो जाती है।

डॉ. राहुल कहते हैं, “दुर्घटना के मामलों में पहला घंटा काफी अहम होता है। अगर इस दौरान मरीज को सही मेडिकल ट्रीटमेंट मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। हमलोग कोशिश करेंगे कि ऐसे मामलों में अधिक से अधिक लोगों को फायदा पहुंचाया जाय।”

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