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लॉकडाउन में बीजेपी व‍िधायक का जन्‍मद‍िन: जुटे 200 लोग, एसडीओ ने पुल‍िस को भेजा नोट‍िस

Coronavirus in India: वर्धा के एसपी बसवराज तेली तेली ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, 'इस बात की पुष्टि हुई है कि भीड़ के इकट्ठा होने पर विधायक घर में ही थे। हमने उनके खिलाफ इस संबंध में केस दर्ज किया है।'

वर्धा के भाजपा विधायक दादाराव केचे के आवास पर लगभग दो सौ लोग जमा हुए। (Express photo)

Coronavirus in India: देशभर में फैलते कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू 21 दिनों के लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र के वर्धा में भाजपा विधायक दादाराव केचे का जन्मदिन मनाने के लिए उनके आवास पर करीब 200 लोग इकट्ठा हुए। हालांकि विधायक ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने अपना जन्मदिन मनाने के लिए लोगों को न्योता दिया। मगर स्थानीय उप-विभागीय अधिकारी ने भाजपा विधायक के खिलाफ विभिन्न प्रावधानों के तहत एक नोटिस जारी किया है, जो कोरोनो वायरस महामारी के मद्देनजर नियमों का उल्लंघन है।

भाजपा विधायक ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘मैंने सिर्फ 21 मजदूरों को आमंत्रित किया था, जिन्होंने कोरोनो वायरस के चलते अपना रोजगार खो दिया। उन लोगों को मैंने खाद्य सामग्री वितरित की। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे मैं मेरे गुरु भीकाराम बाबा के पास जाने के लिए घर से निकल गया। मगर मेरे राजनीतिक विरोधियों ने इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए प्रचार किया कि मैं अपने घर में लोगों के लिए खाद्य सामग्री वितरित कर रहा हूं। जब मुझे मामले में जानकारी मिली तो मैं वापस घर पहुंचा और पुलिस की मदद से भीड़ को तितर-बितर किया।

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उन्होंने आगे कहा, ‘मैं समझता हूं कि हम सभी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोनो वायरस से लड़ने के लिए सामाजिक दूरी के मानदंडों का सख्ती से पालन करना चाहिए, मगर मेरे विरोधियों ने मेरी छवि खराब करने के लिए इस मौके का फायदा उठाया।’ हालांकि उन्होंने अपने आरोपों में किसी का नाम नहीं लिया।

उल्लेखनीय है कि सेना के उप-विभागीय अधिकारी हरीश धार्मिक ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, महामारी अधिनियम, आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 और आईपीसी की धारा 188 और 269 के प्रावधानों के तहत मामले में कार्रवाई करने के लिए स्थानीय पुलिस को नोटिस जारी किया है।

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वर्धा के कलेक्टर विवेक भीमानवार ने कहा, ‘हमने उन्हें कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं दी थी और न ही उन्होंने हमसे कोई मदद मांगी थी। उन्होंने एक रक्तदान शिविर की इच्छा व्यक्त की थी जिसके लिए हमने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बजाय, हमने आरवी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में सामाजिक डिस्टेंसिंग मानदंड का पालन करते हुए पांच व्यक्तियों द्वारा रक्तदान की अनुमति दी। जैसे ही पुलिस को उनके आवास पर भीड़ के बारे में जानकारी मिली, लोगों को तितर-बितर किया गया। एसडीओ ने पुलिस को जांच कराने का निर्देश दिया है।’

वर्धा के एसपी बसवराज तेली तेली ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘हालांकि इस बात की पुष्टि हुई है कि भीड़ के इकट्ठा होने पर विधायक घर में ही थे। हमने उनके खिलाफ इस संबंध में केस दर्ज किया है।’

इस बीच विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने 4 दिन पहले लोगों से अपील की थी कि कोई मेरे जन्मदिन पर मुझसे मिलने आए। फिर भी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुझसे मुलाकात की। मेरे प्रतिद्वंद्वियों ने साजिश रची और लोगों को बताया कि मेरे आवास पर राशन वितरित किया जा रहा है, तब भी जब मैंने यहां किसी को नहीं बुलाया। यह मुझे बदनाम करने के लिए किया किया गया था।

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