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बीजेपी शासित इस राज्य में मर गए 19 हजार बच्चे, खुद मंत्री ने स्वीकारा

स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने ये जवाब एक सवाल पर लिखित रूप से दिया है। उन्होंने लिखा कि इस पूरे अंतराल में हुई मौतों का मुख्य कारण जन्म के समय कम वजन, संक्रामक रोग और विकृतियों के साथ पैदा होने के अलावा भी कई थे।

new born Babyतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस फोटो)

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत ने स्वीकार किया है कि अप्रैल 2017 से लेकर मार्च 2018 के बीच में राज्य में 19,799 नवजातों की मृत्यु हुई है। इसके कारण कई बताए गए हैं। जिनमें प्रमुख कारण कम वजन और सांस संबंधी बीमारियों को बताया गया है। बता दें कि नागपुर में चल रहे महाराष्ट्र विधान परिषद के मानसून सत्र का हाल ही में समापन हुआ है।

मंत्री दीपक सावंत ने ये बातें पूछे गए एक सवाल पर लिखित रूप से दिया है। उन्होंने अपने जवाब में लिखा है कि इस पूरे समय अंतराल में हुई मौतों का मुख्य कारण जन्म के समय कम वजन, समय से पहले जन्म, संक्रामक रोग, जन्मजात सांस संबंधी बीमारियां और विकृतियों के साथ पैदा होने के अलावा भी कई थे। हालांकि पूछे गए सवाल पर दिए गए मंत्री के जवाब में कहीं भी मरने वाले बच्चों की उम्र का जिक्र नहीं किया गया था।

ऐसी मौतों को रोकने के लिए किए गए उपायों पर मंत्री दीपक सावंत ने जवाब दिया कि महिला और बाल विकास विभाग, अपनी योजनाओं को आंगनवाड़ी के जरिए लागू कर रहा है। इसमें गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पुष्टाहार, स्वास्थ्य जांच, प्रारंभिक शिक्षा और बच्चों का टीकाकरण शामिल है।

गर्भवती महिलाओं को बच्चे को जन्म देने के बाद 42 दिन तक और बीमार बच्चों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाती है। ये सुविधाएं बच्चों को एक साल की उम्र तक मिलती है। मंत्री ने कहा,”अन्य सुविधाओं में रक्त चढ़ाना, आवश्यक स्थिति में चिकित्सा वाहन उपलब्ध करवाना और पोषाहार की सूचना देना शामिल है। सावंत ने कहा कि लोक स्वास्थ्य विभाग ने कई योजनाएं भी चलाई हैं जिनके तहत गर्भवती महिलाएं संपूर्ण स्वास्थ्य जांच करवा सकती हैं। जबकि नवजात बच्चों की समय—समय पर स्वास्थ्य जांच करवाई जाती है और उन्हें जरूरी दवाएं भी दी जाती हैं।

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