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सीसीटीवी वीडियो में आरटीआई कार्यकर्ता के चरण छूते नजर आए बीजेपी विधायक

महाराष्ट्र में आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा सीसीटीवी फुटेज वायरल किया गया है जिसमें एक भाजपा विधायक उनके पैर छू रहे हैं। आरटीआई कार्यकर्ता का दावा है कि विधायक उनसे माफी मांग रहे हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता के पैर छूते भाजपा विधायक (Photo: Video grab)

महाराष्ट्र के भाजपा विधायक योगेश टिलेकर का एक सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे एक आरटीआई कार्यकर्ता के पैर छूते दिख रहे हैं। यह वीडियो आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र बराटे द्वारा वायरल किया गया है। रविंद्र बराटे यह दावा कर रहे हैं कि रंगदारी मांगने को लेकर उन्होंने भाजपा विधायक और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। इसके बाद भाजपा विधायक ने उनसे मिलने पहुंचे। पहले उन्होंने माफी मांगी और फिर रोने लगे। हालांकि, भाजपा विधायक माफी मांगने की बात से पूरी तरह इंकार कर रहे हैं। भाजपा विधायक का कहना है कि उनके घर और परिवार का संस्कार ऐसा है कि वे जब भी बाहर निकलते हैं या बड़े लोगों से मिलते हैं, इस दौरान वे पैर छूकर उन्हें प्रणाम करते हैं। उनका आशीर्वाद लेते हैं। माफी मांगने जैसे कोई बात नहीं है।

रविंद्र बराटे ने कहा, ” वीडियो वायरल करने के पीछे की वजह यह है कि अगस्त 2018 में याडवसर विधानसभा क्षेत्र में हमारा केबल डालने का एक काम चालू हुआ था। विधायक के करीबी गणेश कामडे चार-पांच लोगों के साथ आए और हमारे कामगार को धमकी दी कि इस क्षेत्र में केबल का काम नहीं होगा। यदि इस क्षेत्र में काम करना है तो अपने मालिक को बोलो कि 50 लाख रुपये उनको दे। इसके बाद पूरे विधानसभा में काम कर सकते हो। पैसे मांगने की घटना के बाद काम कर रहे मजदूरों ने ऑफिस में फोन कर इसकी जानकारी दी। तब हमने बताया कि हमारा सारा काम लीगल है और हम किसी को फिरौती नहीं देते। तुम काम चालू रखो। काम चालू रखने के बाद डेढ़-दो किलोमीटर की लाइन चोरी कर ली गई। हमने नया केबल डाला। उसे भी तोड़ दिया गया।”

रविंद्र बराटे ने आगे बताया, “इसके बाद हमने योगेश टिलेकर को फोन किया और कहा कि आपके नाम से एक व्यक्ति गणेश कामडे 50 लाख का रंगदारी मांग रहा है। इसके बाद उन्होंने अगले दिन मुझसे मिलने को कहा। अगले दिन मिलने के बाद मैंने उनसे पैसे वाली बात कही। उन्होंने कहा कि उनका कोई आदमी ऐसा नहीं कर रहा है। फिर मैंने जब पुलिस केस की बात कही तो उन्होंने कहा कि पहले मैं जांच कर लेता हूं। इसके दो दिन बाद फिर अन्य व्यक्ति ने मिलने को कहा। उसने पैसे लेन-देन में समझौता कराने की बात कही। इसके बाद मैंने ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर 8 सितंबर को एफआईआर दर्ज करवा दी। इसके बाद विधायक ने एक जगह मुझसे मुलाकात की। यहां उन्होंने मुझे केस वापस लेने को कहा, लेकिन जब मैंने यह साफ कर दिया कि केस वापस नहीं लिया जाएगा। वे मेरे पैरों में गिर माफी मांगने लगे और रोने लगे।”

इस पूरे मामले पर विधायक योगेश टिलेकर ने कहा, “रविंद्र बराटे मेरे पुराने मित्र हैं। उनका और मेरा पारिवारिक संबंध है। वे जानते हैं कि मैं राजनीति में कैसे उपर आया हूं। जब मैं उनसे मिलने गया तो कहा कि आपको मालूम है कि मेरे 22 साल के राजनीतिक जीवन में आज मैं जहां खड़ा हूं, उसके लिए मेरे परिवार ने काफी कष्ट किया है। पार्टी ने मेरे उपर विश्वास किया है। मैंने उनसे विनती किया कि आपके दिमाग में मेरे बारे में जो गलतफहमी हुअा है, उसकी वजह से आप कुछ गलत नहीं करवाएं। आप कुछ गलत करवाएंगे तो मेरे राजनीतिक जीवन में बाधा आ सकती है। यदि कोई गलतफहमी लग रही है तो उसे दिमाग से निकाल दें। आप मेरे बड़े भाई जैसे हैं। मैं जब भी किसी से मिलता हूं, हरेक बड़े व्यक्ति का आशीर्वाद लेता हूं। ऐसी कोई बात नहीं है। मैंने किसी तरह की माफी नहीं मांगी है। मैंने सिर्फ ये कहा कि मेरे उपर झूठा मुकदमा न कीजिए।” इसके जवाब में आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा, “इससे पहले तो वे कई बार मुलाकात के समय पैर नहीं छुए। उन्हें यह कबूल करना चाहिए कि या तो वे झूठ बोल रहे हैं या उन्होंने गलती की है।”

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