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जिस बैरक नं. 12 में नहीं रहना चाहते विजय माल्या, वहां रह चुकी हैं छगन भुजबल, संजय दत्त जैसी हस्तियां, जानिए- क्या हैं सुविधाएं

इस बैरक की संरचना ग्राउंड प्लस वन की है जिसमें हरेक फ्लोर पर आठ सेल बने हुए हैं। सभी सेल के अंदर अलग-अलग अटैच टॉयलेट, कपड़े धोने की जगह और खुले आंगन की व्यवस्था है। आम कैदियों के सेल में भारतीय शैली के शौचालय हैं लेकिन बैरक 12 के सेल में पाश्चात्य शैली के शौचालय (कॉमोड) की व्यवस्था है।

बैरक नंबर 12 में फिल्म अभिनेता संजय दत्त, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री छगन भुजबल, शीना बोरा मर्डर केस के आरोपी पीटर मुखर्जी और 26/11 के आतंकी हमले के एक मात्र जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब रह चुके हैं।

लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में भारत सरकार ने मुंबई के ऑर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 की तस्वीरें पेश की हैं और कहा है कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को प्रत्यर्पण के बाद वहीं रखा जाएगा। माल्या के वकील ने तर्क दिया कि वहां रोशनी और साफ हवा की व्यवस्था नहीं है जबकि भारत सरकार की तरफ से कहा गया कि वहां सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस पर कोर्ट ने बैरक नंबर 12 का वीडियो पेश करने का आदेश दिया है। बता दें कि बैरक नंबर 12 में फिल्म अभिनेता संजय दत्त, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री छगन भुजबल, शीना बोरा मर्डर केस के आरोपी पीटर मुखर्जी और 26/11 के आतंकी हमले के एक मात्र जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब रह चुके हैं। फिलहाल यहां पीटर मुखर्जी बंद हैं। लंदन कोर्ट में सरकार की तरफ से दावा किया गया कि इस सेल में साफ हवा, रोशनी और आंगन की भी व्यवस्था है।

बैरक नंबर 12 में अमूमन हाई प्रोफाइल कैदियों को रखा जाता है, जिसे खतरे का सामना करना पड़ सकता है या जो दूसरों के लिए खतरा हो सकता है या फिर जेल प्रशासन के लिए खतरा हो सकता है। इस बैरक की संरचना ग्राउंड प्लस वन की है जिसमें हरेक फ्लोर पर आठ सेल बने हुए हैं। सभी सेल के अंदर अलग-अलग अटैच टॉयलेट, कपड़े धोने की जगह और खुले आंगन की व्यवस्था है। आम कैदियों के सेल में भारतीय शैली के शौचालय हैं लेकिन बैरक 12 के सेल में पाश्चात्य शैली के शौचालय (कॉमोड) की व्यवस्था है। यहां कैदियों को एक गद्दा, एक तकिया और एक बेडशीट के साथ-साथ एक मेलामाइन ग्लास, एक प्लेट और दो कटोरी दी जाती है जिसमें वो भोजन करते हैं और पानी पीते हैं। जेल के अंदर मेलामाइन बर्तनों को प्राथमिकता दी जाती है ताकि कैदी अन्य कैदियों या जेल कर्मचारियों पर हमला न करे या खुद पर भी हमला न कर सकें।

बैरक नंबर 12 के सभी सेल सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है। यहां सेल के अंदर और बाहर चौबीसो घंटे सुरक्षाकर्मी पहरेदारी देते हैं। कैदियों की 24 घंटे में चार बार खान-पान उपलब्ध कराया जाता है। सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच नाश्ता दिया जाता है, दोपहर में भोजन दिया जाता है, शाम में 4.30 बजे के करीब स्नैक्स दिया जाता है और शाम में 7 बजे रात का भोजन दिया जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा निर्देश के मुताबिक कैदियों का भोजन बनाया जाता है। पुरुष कैदियों को प्रति दिन 2320 से 1730 कैलोरी और महिला कैदियों को 1900 से 2830 कैलोरीयुक्त खाना दिया जाता है। बता दें कि भगोड़े कारोबारी के प्रत्यर्पण को लेकर लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई हो रही है। कोर्ट ने फिलहाल माल्या को जमानत दे दी है। अब अगली सुनवाई 12 सितंबर को होगी।

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