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बैंक का सर्वर हैक कर फोन के जरिए उड़ा लिए 1.42 करोड़ रुपए, मुंबई के 22 लोगों के खिलाफ शिकायत

आरोपियों ने बैंक का यूपीआई यानि यूनिक पेमेंट इंटरफेस हैक कर लिया। बाद में अपने खातों को इस यूपीआई से जोड़कर 1.42 करोड़ रुपए खातों में ट्रांसफर कर लिए।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

द बैंक ऑफ महाराष्ट्रा ने 22 लोगों के खिलाफ मुंबई पुलिस में शिकायद दर्ज कराई है। इन सब पर आरोप है कि इन लोगों ने बोंक के सेंट्रल सर्वर को हैक करके 1.42 करोड़ रुपए अपने खातों में जमा कर लिए। पुलिस ने बताया कि 26 दिसंबर 2016 से लेकर 18 जनवरी 2017 के बीच 142 ट्रांसैक्शन कर ये पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस लेन-देन पर जब बैंक अधिकारियों को शक हुआ तो उन्होंने पड़ताल शुरू कर दी। खातों की जानकारी के बाद ही इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बैंक ने इनखाताधारकों के अकाउंट को सील करके बीते शुक्रवार पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। मुंबई के नवघर पुलिस ने भयंदर निवासी जसवंत दमानिया सहित उसके बेटे राज, प्रीतेश और प्रतीक को हिरासत में ले लिया है। इनके साथ ही औरंगाबाद के रहने वाले दीपक और भरत गवले समेत 17 अन्य लोगों को भी शिकायत के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

नवघर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर एस वी शेत्ये ने बताया कि सभी आरोपियों का द बैंक ऑफ महाराष्ट्रा में ही खाता है। इन लोगों ने बैंक का यूपीआई यानि यूनिक पेमेंट इंटरफेस हैक कर लिया। बाद में अपने खातों को इस यूपीआई से जोड़कर 1.42 करोड़ रुपए अलग-अलग 22 खातों में ट्रांसफर कर दिए। पुलिस को शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि औरंगाबाद के रहने वाले भरत गवले और दीपक ने ही पिछले साल दिसंबर में बैंक के सेंट्रल सर्वर को हैक कर पैसे निकाल लिए थे।

यूपीआई केंद्रीय भुगतान निगम द्वारा लॉन्च किया गया एक अप्लीकेशन है जिसके इस्तेमाल से मोबइल फोन द्वारा खातों में पैसें ट्रांसफर किये जाते हैं। इस एप के मदद से एक बार में अधिकतम 1 लाख रुपए ही ट्रांसफर किये जा सकते हैं। 1 लाख रुपए की इसी लीमिट के चलते इन आरोपियों को 142 ट्रांसैक्शन कर पैसे ट्रांसफर करने पड़े। और अंत में यही ट्रांसैक्शन इन लोगों के फर्जीवाड़े के खुलासे का कारण भी बना।

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