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13 साल पहले बाल ठाकरे ने शरद पवार की बेटी के लिए वापस ले लिया था उम्मीदवार, पर भतीजे अजित ने उद्धव को दे दी पटकनी

ठाकरे शरद पवार से इस बात पर नाराज थे कि उन्होंने बेटी को उम्मीदवार बनाने से पहले उन्हें क्यों नहीं बताया। जब बाल ठाकरे ने शरद पवार से पूछा तो पवार ने कहा कि आपके गठबंधन (बीजेपी-शिवसेना) ने पहले ही उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया था। ऐसे में बताना न तो उचित समझा और न ही आपको तकलीफ देना चाहता था।

राकांपा नेता शरद पवार के साथ बाल ठाकरे (फाइल फोटो)

बात साल 2006 की है, जब शरद पवार ने अपनी बेटी  सुप्रिया सुले को राज्यसभा चुनाव में उतारने का ऐलान कर दिया। शिव सेना के संस्थापक बाल ठाकरे को यह बात मीडिया के जरिए पता चली, तब ठाकरे ने पवार को फोन कर बुलाया। ठाकरे शरद पवार से इस बात पर नाराज थे कि उन्होंने बेटी को उम्मीदवार बनाने से पहले उन्हें क्यों नहीं बताया। जब बाल ठाकरे ने शरद पवार से पूछा तो पवार ने कहा कि आपके गठबंधन (बीजेपी-शिवसेना) ने पहले ही उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया था। ऐसे में बताना न तो उचित समझा और न ही आपको तकलीफ देना चाहता था।

बाल ठाकरे और शरद पवार में गाढ़ी दोस्ती थी। दोनों परिवारों के बीच काफी अच्छे रिश्ते थे। तब बाल ठाकरे ने सुप्रिया सुले के खातिर एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार को चुनाव से हटवा दिया था। तब सुप्रिया सुले संसद की उच्च सदन में पहुंची थीं। शरद पवार ने अपनी आत्मकथा ‘ऑन माई टर्म्स’ में इस मुलाकात का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है, ‘सितंबर 2006 में जब मेरी बेटी सुप्रिया ने राज्यसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की तो बाला साहेब ने मुझे फोन करके कहा- शरद बाबू मैं सुन रहा हूं, हमारी सुप्रिया चुनाव लड़ने जा रही है और तुमने मुझे इसके बारे में बताया ही नहीं। मुझे यह खबर दूसरों से क्यों मिल रही है?”

शरद पवार ने आगे लिखा है, “मैंने कहा कि शिव सेना-बीजेपी गठबंधन ने पहले ही उसके खिलाफ अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। ऐसे में मैंने सोचा कि आपको क्यों परेशान करूं। इस पर बाल ठाकरे बोले कि मैंने सुप्रिया को तब से देखा है जब वो मेरे घुटनों के बराबर हुआ करती थी। मेरा कोई भी उम्मीदवार सुप्रिया के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेगा क्योंकि तुम्हारी बेटी मेरी बेटी है। मैंने उनसे पूछा कि आप बीजेपी का क्या करेंगे, जिनके साथ आपका गठबंधन है? ठाकरे ने तुरंत जवाब दिया कि कमलाबाई की चिंता मत करो। वो वही करेगी जो मैं कहूंगा।’

13 साल बाद जब बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे की ताजपोशी का समय आया तो शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने ठाकरे परिवार को सियासी पटकनी दे दी और बीजेपी के साथ हाथ मिलाकर राज्य के उप मुख्यमंत्री बन गए। हालांकि, शरद पवार कह रहे हैं कि अजित ने अपनी मर्जी से ऐसा किया है और उसके खिलाफ पार्टी कार्रवाई करेगी।

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