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यहां हेल्मेट का किया गया अंतिम संस्कार, जानें क्या है वजह

शिवसेना नेता महादेव बबई ने कहा कि, 'हेलमेट पहनने से गंजे होने का खतरा होता है। इसके अलावा रीढ़ की समस्याएं भी हेलमेट की वजह से होती हैं। पुलिस को लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए था'।

Author January 11, 2019 4:10 PM
हेलमेट का अंतिम संस्कार करते संगठन के लोग

शायद ही ऐसा पहले किसी ने हेल्मेट के अंतिम संस्कार के बारे में सुना भी हो। लेकिन यह सच है। यह कारनामा महाराष्ट्र में एक संगठन ने हेलमेट का अंतिम संस्कार किया है। संगठन ने नाराजगी के कारण ऐसा किया। दरअसल, देश के करीब हर हिस्से की तहर पुणे में बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। लोगों ने इसी नए नियम के खिलाफ विरोध जताने के लिए हेलमेट का अंतिम संस्कार कर दिया।

स्थानीय खबरों के अनुसार, ‘हेल्मेट सख्ती विरोधी कृति समिति’ नाम की संस्था शिवसैनिकों की बनाई हुई है। इस संस्था के लोगों ने पहले हेलमेट की अंतिम यात्रा निकाली और फिर अंतिम संस्कार कर दिया। इसके साथ ही विरोध कर रहे लोगों ने हेलमेट अनिवार्य होने के कारण सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। नए नियम को लागू करते समय कहा गया कि, स्थानीय लोग 20-30 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलते हैं। जिससे हेलमेट अनिवार्य किया जा रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, पुणे में बीते साल करीब 200 लोगों की मौत दुर्घटना के वक्त सिर में गंभीर चोट लगने कारण हो गई थी। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने दोपहिया वाहन पर हेल्मेट पहनने का अभियान चलाया और बाद में इसे अनिवार्य कर दिया। हालांकि स्थानीय लोग इसका पुरजोर विरोद कर रहे हैं। हेलमेट अनिवार्य के विरोध में शिवसेना नेता महादेव बबई ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि हम रोड सेफ्टी के खिलाफ नहीं है। लेकिन पुलिस प्रशासन इसे जिस तरीके से लागू कर रहा है वो सही नहीं है।

शिवसेना नेता महादेव बबई ने कहा कि, पुलिस का यह रवैया गलत है। अगर पुलिस को लोगों का इतना ही ख्याल है तो पहले लोगों की भावनाओं को समझना चाहिए था। उनका कहना है कि स्थानीय लोग अपनी गाड़ी धीमे ही चलाते हैं। जिससे दुर्घटना होने की संभावना बहुत कम होती है। साथ ही महादेव बबई ने कहा कि, हेलमेट पहनने से गंजे होने का खतरा होता है। इसके अलावा रीढ़ की समस्याएं भी हेलमेट की वजह से होती हैं।

 

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