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महाराष्‍ट्र के 103 विधायकों को हर महीने मिलेंगे 1 लाख रुपये, जानिए क्‍यों

राज्य सरकार ने फैसला किया है कि 1 फरवरी से हॉस्टल की बिजली और पानी सप्लाई को बंद कर दिया जाएगा।
विधान भवन में हुई बैठक में मनोरा हॉस्टल के मौजूदा तीनों टावर को खाली कराने का फैसला लिया गया। (Archive Express Photo)

महाराष्ट्र के 323 विधायक नरिमन प्वॉइंट स्थित छिन्न-भिन्न पड़े मनोरा विधायक हॉस्टल में रह रहे हैं। इनमें से 103 विधायकों को हर महीने वैक्लपिक आवास के लिए एक लाख रुपए दिए जाने का फैसला किया गया है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि 1 फरवरी से हॉस्टल की बिजली और पानी सप्लाई को बंद कर दिया जाएगा। हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार इस मामले पर जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि हमारे पास नरिमन प्वॉइंट स्थित आकाशवाणी हॉस्टल और कोलाबा स्थित एनेक्स हॉस्टल में 220 फ्लैट हैं, लेकिन हमें 323 विधायकों के लिए 646 फ्लैट्स की जरूरत है। 220 विधायकों को इन जगहों पर एक फ्लैट दे दिया जाएगा और साथ ही महीने का 50 हजार रुपए प्रतिपूरक किराया दिया जाएगा।

वहीं जिन 103 विधायकों को फ्लैट्स नहीं मिल पाएंगे उन्हें हर महीने एक लाख रुपए दिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि जिन विधायकों ने दो फ्लैट ले रखे हैं उनसे एक फ्लैट खाली कराया जाएगा ताकि अन्य विधायकों को वह फ्लैट दिए जा सकें। मंगलवार को विधान भवन में हुई बैठक में मनोरा हॉस्टल के मौजूदा तीनों टावर को खाली कराने का फैसला लिया गया। इसके बदले में सरकार विधायकों को घाटकोपर स्थित वैक्लपिक आवास दे रही थी लेकिन सरकार की इस बात को विधायकों ने रिजेक्ट कर दिया, जिसके बाद उन्हें नया आवास ढूंढने के लिए पैसा दिया जाएगा। विधायकों ने उन फ्लैट्स में जाने से यह कहते हुए इनकार किया कि पीडब्लूडी द्वारा जिस जगह पर यह फ्लैट्स बनाए गए हैं वह जगह बहुत ही असुविधाजनक है।

विधायकों को दिए जाने वाले प्रतिपूरक किराए के बाद सरकार पर सालाना 25 करोड़े रुपए का भार पड़ेगा जो कि अगले चार साल तक के लिए होगा, जबतक कि मनोरा में फिर से फ्लैट्स का निर्माण नहीं किया जाता। सरकार ने योजना बनाई है कि वे 50 मंजिला दो टावर का निर्माण कराएगी जिसमें 650 से ज्यादा फ्लैट्स होंगे। द नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कोर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड को इन टावर को बनाने का कार्य सौंपा गया है। इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि सिविक बॉडी और सेंट्रल एजंसियों से पर्मिशन लेने में छह महीने लग जाएंगे क्योंकि जिस जगह टावर का निर्माण कराया जाना है वह कोस्टल रेगुलेटरी ज़ोन में आता है। इस योजना को पूरा करने में तीन साल लग जाएंगे।

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