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पुणे: 5 साल में 1000 दोपहिया वाहन सवारों की मौत, सिर्फ तीन लोगों ने पहना था हेलमेट

पिछले पांच वर्षों में पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवाड़ में सड़कों पर 1,000 से अधिक दोपहिया सवारों की मौत हुई है। गौरतलब है कि हादसों के समय उनमें से केवल तीन ने ही हेलमेट पहना था।

हेलमेट के साथ बाइक सवार (प्रतीकात्मक चित्र) फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

महाराष्ट्र के पुणे में बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने अभियान शुरू किया है। जिसको लेकर हिदायत दी गयी थी कि 1 जनवरी के बाद बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस नए नियम का कई समूहों द्वारा विरोध किया गया। पुलिस उपायुक्त (यातायात) तेजस्वी सतपुते ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन हो ऐसा सुनिश्चित किया जा रहा है। बता दें कि पुणे शहर में दिन ब दिन सड़क दुर्घटनायें बढ़ रही है। इसलिए अदालत के आदेश के बाद हेलमेट पहनने के नियम को लागू करने का निर्णय पुणे पुलिस द्वारा लिया गया है।

यातायात पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवाड़ में सड़कों पर 1,000 से अधिक दोपहिया सवारों की मौत हुई है। गौरतलब है कि हादसों के समय उनमें से केवल तीन ने ही हेलमेट पहना था। 2018 में, पुणे में 182 दोपहिया सवारों की मौत हो गई, जिनमें से केवल एक ने हेलमेट पहन रखा था। एक आंकड़े के मुताबिक देश में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 35 हजार लोगों की मृत्यु हेलमेट नहीं पहनने की वजह से हुई है। यह हैरान करने वाला आंकड़ा कुछ दिन पहले ही सामने आया था। बता दें की पूर्व में भी पुणे पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर हेलमेट पहनना अनिवार्य किया था। लेकिन तब इस निर्णय के बाद, अलग-अलग संस्था, संगठन और राजनीतिक दलों ने एक समिति निर्माण कर के हेलमेट अनिवार्य करने के नियम का विरोध किया था जिसके बाद यह निर्णय वापस लिया गया था।

इस नियम को लेकर पुणे पुलिस का कहना है कि कड़े विरोध के बावजूद बिना हेलमेट वाले चालक के खिलाफ मुहीम चलती रहेगी। पुणे में हर साल शहर में सैंकड़ों लोग हेलमेट ना पहनने के कारण चोटिल होते हैं या जान गवा देते हैं इसलिए अब समय आ गया है जब ये नियम शहर वासियों पर सख्ती से लागू किया जाए। हाल ही में पुणे ट्रैफिक पुलिस ने सड़क पर बिना हेलमेट के करीब 6,105 राइडर्स को पकड़ा है। जबकि करीब 3,414 मामलों में CCTV फुटेज के आधार पर कार्यवाही की है।

हेलमेट का विरोध करनी वाली समिति के प्रमुख का कहना है कि हेलमेट को हाईवे पर अनिवार्य बनाना चाहिए न कि शहर के अन्दर संकरी गलियों में, जहां गाड़ी की स्पीड लिमिट 20 से 30 किमी/घंटे तक ही रहती है। उन्होंने कहा की हेलमेट से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है साथ ही कुछ लोगों का ये कहना था कि उन्हें हेलमेट पहनने में दिक्कत आती है।

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