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Maharashtra Politics: शिवसेना की टूट पर बोले देवेंद्र फडणवीस- किसी ने मुझे धोखा दिया तो मैं बदला लूंगा, संजय राउत ने किया पलटवार

Maharashtra: देवेंद्र फडणवीस की इस बदला राजनीति पर उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का कहना है कि इस तरह की बदले की राजनीति एक धब्बा है, संतों और छत्रपति शिवाजी की भूमि पर।

Maharashtra Politics: शिवसेना की टूट पर बोले देवेंद्र फडणवीस- किसी ने मुझे धोखा दिया तो मैं बदला लूंगा, संजय राउत ने किया पलटवार
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस। (फोटो सोर्स: @Dev_Fadnavis)

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra fadnavis) ने स्वीकार किया कि उन्होंने जून में शिवसेना में विभाजन में अहम भूमिका निभाते हुए बदला लिया था। यह पहली बार नहीं है कि फडणवीस ने यह स्वीकार किया है कि उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाई है।

देवेंद्र फडणवीस ने मराठी न्यूज चैनल SAAM TV को दिए इंटरव्यू में कहा, “अगर कोई मुझे धोखा देता है तो मैं बदला लूंगा। हां, मैंने बदला लिया है।” अपनी ‘बदला फिलॉसफ़ी पर बात करते हुए हुए भाजपा नेता ने कहा, “आपके साथ सत्ता का आनंद लेने वाले जो चौबीसों घंटे आपके साथ थे और जो आपके साथ चुने गए थे अगर सीधे आपकी पीठ में छुरा घोंपते हैं, तो राजनीति में जिंदा रहने के लिए, आपको उनके साथ वैसा ही व्यवहार करने की जरूरत है। वरना आप राजनीति में जिंदा नहीं रह सकते।”

धोखा देने वालों को उनकी जगह दिखानी चाहिए: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने आगे कहा, “राजनीति में आपको अच्छा रहना चाहिए। लेकिन अगर कोई आपके अच्छे होने का फायदा उठा रहा है और आपको धोखा दे रहा है, तो ऐसे लोगों को उनकी जगह दिखानी चाहिए। मैंने उसे उसकी जगह दिखा दी है। और मुझे खुद पर गर्व है। अगर तुमने मुझे धोखा दिया तो मैं बदला लूंगा।”

सीएम पद को लेकर हुआ था शिवसेना और बीजेपी में विवाद: दरअसल, फडणवीस जिस विश्वासघात की बात करते हैं, वह ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने और 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद सरकार बनाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने का निर्णय है। उद्धव ने आरोप लगाया था कि यह फैसला इसलिए लिया गया था क्योंकि भाजपा मुख्यमंत्री पद को उनकी पार्टी के साथ साझा करने के अपने वादे से मुकर गई।

2019 में पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देवेंद्र फडणवीस ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “मैं उद्धव के आवास पर जाना चाहता था और व्यक्तिगत रूप से मामले को सुलझाना चाहता था। उन्होंने एक कप चाय पर मुझसे मिलने से भी इनकार कर दिया।”

गठबंधन टूटने पर दिल्ली में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व फडणवीस से नाराज था। पार्टी का यह मानना था कि देवेंद्र फडणवीस के बजाय नितिन गडकरी को स्थिति को संभालने के लिए कहा जाना चाहिए था। यह फडणवीस के लिए दोहरा झटका था और तभी से वह पलटवार करने और अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने के मौके की तलाश में थे।

बदला लेने के लिए किया शिंदे का समर्थन: भाजपा के सूत्रों के मुताबिक, “शिवसेना को तोड़ना फडणवीस के लिए पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह अपने विरोधियों को अपनी बात साबित करने का मौका था।” इस महीने की शुरुआत में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में डिप्टी सीएम ने इस बारे में बात करते हुए था कि उन्हें और उनकी पार्टी को शिवसेना में फूट डालने के लिए क्या प्रेरित किया।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा था, “विपक्ष में रहते हुए, जिस तरह से उद्धव ठाकरे ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा और जिस तरह से शिवसेना ने हमारे साथ व्यवहार किया, उसका बदला लेने के लिए हम एक अवसर की तलाश में थे। हम बदला लेना चाहते थे और इसलिए शिंदे जी का समर्थन किया।”

संजय राउत ने किया पलटवार: हाल ही में फडणवीस की प्रशंसा करने वाले शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि बदले की राजनीति कभी भी महाराष्ट्र की संस्कृति का हिस्सा नहीं रही है। उन्होंने आगे कहा, “महाराष्ट्र में राजनीति बदले की भावना से नहीं खेली जाती है। अगर नई मिसालें और परंपराएं गढ़ी जा रही हैं तो यह महाराष्ट्र की संस्कृति के खिलाफ है। राजनीति में मतभेद होना आम बात है लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में आज तक किसी ने बदला शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। इस तरह की राजनीति का सहारा लेकर फडणवीस ने अपना कद गिराया है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।”

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First published on: 17-11-2022 at 07:29:37 am
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