scorecardresearch

महाराष्ट्र संकटः शिंदे गुट के साथ गए निर्दलीय विधायक के दफ्तर पर शिवसैनिकों का धावा, जमकर बरसाए डंडे

महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच सोमवार (27 जून, 2022) को शिंदे गुट के साथ गए निर्दलीय विधायक विनोद अग्रवाल के गोंदिया स्थिति दफ्तर के बाहर शिवसेना के कार्यकार्ताओं ने धावा बोल दिया। शिवसेना कार्यकर्ता लाठी-डंडों के साथ गोंदिया के निर्दलीय विधायक विनोद अग्रवाल के दफ्तर के बाहर पहुंचे। इस दौरान दफ्तर के […]

Maharashtra Political Crisis | MLA Vinod Agrawal | Gondia
गोंदिया के निर्दलीय विधायक विनोद अग्रवाल के दफ्तर पर शिवसैनिकों ने की तोड़फोड़। ( फोटो सोर्स: ANI)।

महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच सोमवार (27 जून, 2022) को शिंदे गुट के साथ गए निर्दलीय विधायक विनोद अग्रवाल के गोंदिया स्थिति दफ्तर के बाहर शिवसेना के कार्यकार्ताओं ने धावा बोल दिया। शिवसेना कार्यकर्ता लाठी-डंडों के साथ गोंदिया के निर्दलीय विधायक विनोद अग्रवाल के दफ्तर के बाहर पहुंचे। इस दौरान दफ्तर के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मी के साथ शिव सैनिकों की बहस हुई, जिसके बाद उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी।

इस मामले को लेकर निर्दलीय विधायक विनोद अग्रवाल के परिजनों की ओर से शहर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। ये पूरा घटनाक्रम विधायक विनोद अग्रवाल के घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया।

गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में डेरा डाले महाराष्ट्र के असंतुष्ट मंत्री राजेंद्र पाटिल-यड्रावकर और शिवसेना के कुछ कार्यकर्ता सोमवार को कोल्हापुर जिले में एक दूसरे के आमने-सामने आ गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। हालांकि पुलिस ने दोनों समूहों को एक दूसरे से अलग रखने की कोशिश की ताकि किसी तरह की झड़प नहीं हो।

कोल्हापुर के शिरोल से निर्दलीय विधायक यड्रावकर के समर्थक जयसिंहपुर कस्बे में उनका समर्थन करने के लिए आए थे। शिवसेना कार्यकर्ताओं के एक समूह ने भी उस स्थान के पास विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की।

कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक शैलेश बलकवडे ने बताया कि यड्रावकर के समर्थक उनके कार्यालय के बाहर जमा हो गए थे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे शिवसेना के कार्यकर्ताओं को करीब 200 मीटर दूर रोक दिया। बलकवडे ने कहा, ”भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि दोनों पक्षों के बीच झड़प न हो।”

वहीं सोमवार को शिवसेना के बागी विधायकों और फ्लोर टेस्ट के सवाल पर महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि सबसे बड़ा टेस्ट यही है कि जो बागी हैं, जो भाग के गए हैं, जो खुद को बागी कह रहे हैं अगर बगावत करनी होती तो यहां करते, इस्तीफा देते और सामने चुनाव के लिए खड़े रहते। संजय राउत को ED द्वारा समन किए जाने’ पर महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि ये राजनीति नहीं है, ये अब सर्कस बन गया है।

पढें राज्य (Rajya News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट

X