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महाराष्‍ट्र: किसानों के नाम पर कारोबारी ने ले डाला 5,400 करोड़ रुपये का कर्ज

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधानपार्षद धनंजय मुंडे ने रत्नाकर गुट्टे पर किसानों के नाम से फर्जी दस्तावेज जमा कर बैंक से 5,400 करोड़ रुपये का लोन लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने सदन में बयान देते हुए कहा कि आरोपी व्यवसायी के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। साथ ही आशंका जताई कि रत्नाकर पीएनबी बैंक घोटाले के आरोपी नीरव मोदी की तरह देश छोड़कर भाग न जाए।

महाराष्ट्र में किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से हजारों करोड़ रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महाराष्ट्र में किसानों के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। विधानपरिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने यह सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कारोबारी ने किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर 5,400 करोड़ रुपये का लोन लिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता ने सदन में बोलते हुए कहा कि परभणी जिले में स्थित गंगाखेड़ शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रमोटर रत्नाकर गुट्टे ने लोन की राशि को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया था। राकांपा नेता ने दावा किया कि रत्नाकर ने 22 शेल कंपनियां गठित कर पैसों की हेराफेरी की है। धनंजय मुंडे ने कहा, ‘गंगाखेड़ शुगर फैक्ट्री ने हार्वेस्ट एंड ट्रांसपोर्ट स्कीम के तहत 600 से ज्यादा किसानों के नाम पर बैंक से लोन लिया था। अब इन किसानों को बैंक से नोटिस मिल रहे हैं। कुछ किसानों के नाम पर तो 25 लाख रुपये तक के कर्ज लिए गए हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि समूह में कई शेल कंपनियां हैं, जिनकी कुल संपत्ति बहुत कम या न के बराबर है। राकांपा नेता ने सदन को बताया कि रत्नाकर गुट्टे के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत इस साल 5 जुलाई को एफआईआर दर्ज कराया गया था, लेकिन इस मामले में अब तक न किसी को गिरफ्तार किया गया है और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

नीरव मोदी की तरह देश छोड़ कर न भाग जाए आरोपी: धनंजय मुंडे ने इस मामले को बेहद गंभीर करार दिया है। उन्होंने सदन के सदस्यों को बताया कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने पर आरोपी रत्नाकर गुट्टे पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के आरोपी और हीरा कारोबारी नीरव मोदी की तरह विदेश भाग सकता है। विधानपरिषद के सभापति रामार्जे निंबालकर ने राकांपा सदस्य द्वारा उठाए गए सवालों पर संज्ञान लेते महाराष्ट्र सरकार से इस मसले पर सूचना मांगी है। उन्होंने फड़नवीस सरकार से पूछा कि क्या इस मामले की जांच के लिए कोर्ट की ओर से विशेष जांच दल का गठन किया गया है या नहीं। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में फर्जी दस्तावेज या फिर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से हजारों करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया गया। कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कुछ अब भी फरार हैं। विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कुछ बड़े व्यवसायी हजारों करोड़ रुपये का लोन लेकर देश से फरार हो गए। नीरव मोदी ने तो पीएनबी की एक ही शाखा से करोड़ों रुपये का लोन ले लिया था।

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