महाराष्ट्र के नासिक में शुक्रवार देर रात एक भीषण हादसा हुआ था। इसमें चार परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी शहर के शिवाजी नगर इलाके में हुआ था। यहां पर एक कार पानी से भरे कुएं में जा गिरी। मृतकों में छह बच्चे थे, जो स्कूल के एनुअल फंक्शन से लौट रहे थे। इन 6 बच्चों ने कार्यक्रम में डांस भी किया। मरने वाले में 3 गार्जियन भी शामिल थे। हादसे के बाद तीन एम्बुलेंस से शवों को इंदौर ले जाया गया। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने उनका अंतिम संस्कार किया।

सदमे में परिवार

इस हादसे से चार परिवार प्रभावित हुए, जो एक-दूसरे के रिश्तेदार भी थे। अजय दुर्गाडे डांस परफॉर्मेंस में हिस्सा लेने वाली लड़की के 14 साल के कज़िन है और वह सदमे में है। अजय ने बताया, “बच्चों ने पॉपुलर मौली मौली गाने और आर्मी से जुड़े दूसरे गानों पर परफॉर्म किया था। डांस परफॉर्मेंस के बाद हम सब साथ बैठे थे। हम सब बहुत खुश थे और राखी (सुनील की बेटी) को अपनी क्लास में सबसे ज़्यादा नंबर लाने के लिए सम्मानित किया गया।”

इंदौर के गांव में जहां परिवार रहता है , वहां के ज़्यादातर लोग किसान हैं। हालांकि परिवार ने तय किया था कि उनके सभी बच्चे इंग्लिश एजुकेशन लें और उन्हें पढ़ाई में अच्छा करने पर उन पर गर्व था। एक और रिश्तेदार, सचिन दुर्गाडे ने कहा, “एक बार जब अंतिम संस्कार हो जाएगा और परिवार ट्रॉमा से उबर जाएगा, तो हम पुलिस से जवाब मांगेंगे और पूछेंगे कि उन्होंने क्या किया है। हम प्रशासन से भी पूछेंगे कि जब पहले शिकायतें थीं तो उन्होंने कुएं को भरने में इतनी देर क्यों की।”

पीड़ितों के नाम क्या हैं?

  • राखी (गुणवती): सुनील और रेशमा की बेटी, जनता इंग्लिश स्कूल में क्लास 4 में पढ़ती थी। उसने अपनी क्लास में टॉप किया था और उसे एनुअल डे इवेंट में सम्मानित किया जा रहा था।
  • श्रद्धा: अनिल और आशा की बेटी थी। वह जनता इंग्लिश स्कूल में क्लास 7 में पढ़ती थी और उसे डांस करना बहुत पसंद था। उसने एनुअल डे इवेंट में भी परफॉर्म किया था।
  • श्रावणी: अनिल दुर्गाडे की बेटी थी और जनता इंग्लिश स्कूल में क्लास 5 में थी और एनुअल डे पर डांस परफॉर्मेंस का हिस्सा थी।
  • सुनील और रेशमा: सुनील एक किसान था जो बच्चों को फंक्शन में ले जाने के लिए अपनी मर्ज़ी से आया था। रेशमा उसकी पत्नी थी। उनका पूरा परिवार खत्म हो गया है।
  • आशा: अनिल दुर्गाडे की पत्नी थी। वह अपने जीजा के साथ बच्चों के साथ फंक्शन में गई थी।
  • सृष्टि: जनता इंग्लिश स्कूल में क्लास 8 में पढ़ने वाली सृष्टि ने इवेंट में डांस किया।
  • समृद्धि: बच्चों में सबसे छोटी थी। समृद्धि नासिक शहर में क्लास 1 में पढ़ रही थी।
  • श्रेयस: जनता इंग्लिश स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ता था और क्रिकेट खेलना पसंद था।

40 फीट गहरा है कुआं

नासिक के डिंडोरी में शुक्रवार रात को कंक्रीट की सड़क के आखिर में 40 फीट गहरे कुएं ने नौ लोगों की जान ले ली। यह कुआं खुला पड़ा था और इसकी बाउंड्री वॉल कुछ ही फीट ऊंची थी। इस असुरक्षित कुएं के पीछे कई कारण हैं। खेती की जमीन को नॉन-एग्रीकल्चरल (NA) जमीन में बदलना, एक लोकल जमीन के मालिक और नगर पंचायत के बीच झगड़ा, नई बनी कंक्रीट की सड़क, और कथित लापरवाही इसका कारण है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह कुआं दशकों से वहीं था, लेकिन इसके आस-पास सब कुछ बदल गया चाहे वह खेत हो या घर। शनिवार को कुएं को भरने के काम की देखरेख कर रहे एक लोकल सिविल कॉन्ट्रैक्टर संदीप बोरास्ते ने कहा, “2000 के दशक की शुरुआत में यह खेती की जमीन थी, जहां कुआं बनाने की इजाज़त है। लेकिन यह NA जमीन बन गई जहाँ रहने वाली इमारतें और बंगले बन गए।”

कुएं के पास एक बंगले में रहने वाली पूजा गाडवे ने कहा, “शुरू में वहां ज़्यादा गाड़ियां नहीं जाती थीं क्योंकि सड़क नहीं बनी थी और स्थानीय लोगों को पता था कि वहां एक कुआं है। उस समय वह ढका हुआ था और उसकी बाउंड्री वॉल भी ऊंची थी।”

बैंक्वेट हॉल मालिक का है कुआं

स्थानीय नागरिक प्रमोद जंगम ने कहा कि जब राजे बैंक्वेट हॉल जैसी सुविधाएं बनीं, जहां से परिवार हादसे के समय लौट रहा था, तो लगभग चार-पांच साल पहले पीछे से निकलने और पार्किंग की जगह बनाने के लिए एक कंक्रीट की सड़क नई बनाई गई थी। हॉल का मालिक आरोपी राजेंद्र राजे है, जो कुएं का भी मालिक है।

डिंडोरी पुलिस स्टेशन के एक ऑफिसर ने कहा, “नगर पंचायत कुएं को समतल करना चाहती थी क्योंकि अब वह NA की ज़मीन थी। लेकिन राजे ने इसके खिलाफ अपील की। उसने तर्क दिया कि उसके पास अभी भी एक खेत है। तब से यह झगड़ा बढ़ गया और जो जैसा है वैसा ही है।”

लोकल सिविल कॉन्ट्रैक्टर संदीप बोरास्ते ने आगे कहा कि कुएं तक सड़क बनाने से हालात और खराब हो गए और जमा हुए मलबे ने कुएं के आसपास का ग्राउंड लेवल ऊंचा कर दिया, जिससे बाउंड्री वॉल मुश्किल से कुछ फीट ऊंची रह गई। कहा जाता है कि बीते कुछ सालों में जब कुआं खुला था, तो कुएं के मालिक ने उसे ढका नहीं था।

पुलिस ने क्या बताया?

एक पुलिस ऑफिसर ने कहा, “अगर कोई बाहरी आदमी इस रास्ते से जाने की कोशिश करता और उसे खुले गहरे कुएं के बारे में पता नहीं होता, तो यह एक बड़ी मुसीबत हो सकती थी।” जब पूछा गया कि कुएं को ढकने के लिए कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया, तो डिंडोरी ज़िला पंचायत के CEO एस. चौधरी ने कहा कि फरवरी में, जब उनके स्टाफ ने खुला कुआं देखा था, तो उन्होंने सड़क बनाने के लिए और उसे समतल करने का सुझाव दिया था और इसके लिए जरूरी प्रस्ताव भी पास हो गया था।

पहले भी हो चुका है हादसा

कई स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पहले भी एक बाइक सवार और एक गाय भी कुएं में गिर चुके हैं। डिंडोरी पुलिस ने कहा कि उन्होंने इसके बारे में सुना था लेकिन कभी कोई फॉर्मल कंप्लेंट नहीं की गई।

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