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शिव पुराण कथा के लिए इस मुस्लिम परिवार ने लहलहाती फसल उजाड़ कर दिया अपना खेत, कायम की भाईचारे की मिसाल

Maharashtra में एक पांच दिवसीय हिंदू धार्मिक कार्यक्रम के लिए मुस्लिम परिवार ने अपनी 60 एकड़ जमीन खाली कर दी।

शिव पुराण कथा के लिए इस मुस्लिम परिवार ने लहलहाती फसल उजाड़ कर दिया अपना खेत, कायम की भाईचारे की मिसाल
शिव कथा के लिए मुस्लिम परिवार ने दिया अपना खेत(Source- Representative Image/ Freepik)

Maharashtra के परभणी में हिंदू-मुस्लिम एकता (Hindu-Muslim Unity) की अनोखी मिसाल देखने को मिली। यहां एक हिंदू धार्मिक कार्यक्रम के लिए मुस्लिम परिवार ने अपनी 60 एकड़ जमीन खाली कर दी। मुसलमानों ने जमीन पर उगी अपनी सारी फसलों को नष्ट कर दिया ताकि स्थानीय हिंदू समुदाय के लोगों को जगह मिल सके।

Maharashtra: हिंदू धार्मिक कार्यक्रम के लिए मुस्लिम परिवार ने दी अपनी जमीन

महाराष्ट्र के परभणी जिले के एक मुस्लिम परिवार ने अपनी 60 एकड़ जमीन को पांच दिनों तक चलने वाले एक हिंदू धार्मिक कार्यक्रम शिवपुराण कथा (Shivpuran Katha) के आयोजन के लिए दी है। दरअसल, सैयद परिवार ने सुना कि शिवसेना के सांसद संजय जाधव (MP Sanjay Jadhav) शिवपुराण कथा (Shivpuran Katha) के आयोजन के लिए एक खुली जमीन की तलाश कर रहे हैं, तो उन्होंने कुछ दिनों के लिए अपनी जमीन देने की इच्छा जताई।

Muslim Family ने उखाड़ दी 15 एकड़ में बोई गयी फसल

मुस्लिम परिवार ने न केवल पांच दिनों के लिए मुफ्त में जमीन दी है, बल्कि उन्होंने 15 एकड़ में बोई गयी अरहर और चार एकड़ में बोई गयी मूंग की खड़ी फसल को भी उजाड़ दिया। दरअसल, शिवपुराण कथा के आयोजन के लिए परभणी के सांसद संजय जाधव (MP Sanjay Jadhav) के नेतृत्व में आयोजक महाराष्ट्र के परभणी शहर के आसपास के इलाके में खुली जमीन की तलाश कर रहे थे, लेकिन फसलों के कारण उन्हें जमीन कहीं नहीं मिली। जब ये मामला सैयद परिवार के पास पहुंचा तो धार्मिक आयोजन के लिए किराए पर जमीन देने के बजाए उन्होंने अपनी जमीन मुफ्त में दे दी।

मुस्लिम परिवार की यह पहल बहुत बड़ी बात मानी जा रही है क्योंकि इस इलाके का इतिहास सांप्रदायिक संघर्ष वाला रहा है। परिवार के 25 वर्षीय सदस्य सैयद शोएब ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “आज की तारीख में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। हमारा कदम विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच की खाई को निस्वार्थ रूप से पाटने के उद्देश्य से है।”

समुदायों के बीच की खाई को पाटने के लिए उठाया यह कदम

शोएब के पिता अबुबकर भाईजान ने कहा, “परभणी सांसद के नेतृत्व में आयोजक परभणी शहर के आसपास के क्षेत्र में खुली जमीन की तलाश कर रहे थे, लेकिन खड़ी फसल के कारण उन्हें यह नहीं मिला। जब कोई हमारे पास यह देखने के लिए पहुंचा कि क्या धार्मिक आयोजन के लिए किराए पर कोई खुली जमीन उपलब्ध है, तो हमने उन्हें अपनी जमीन मुफ्त में दे दी।”

उन्होंने कहा कि इस भूमि पर बोई गई अरहर और मूंग घर में खपत के लिए, खेत में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ खेत में मवेशियों और घोड़ों के लिए थी। अबुबकर ने यह भी कहा कि परभणी ने अतीत में सांप्रदायिक झड़पें देखी हैं और इस कदम के पीछे उनका इरादा विभिन्न समुदायों के बीच की खाई को पाटना है।

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First published on: 15-01-2023 at 03:40:18 pm
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