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भाजपा के मंत्री ने बाबा रामदेव को बताया ‘राष्ट्रपुरुष’, हमलावर विपक्ष ने बताया ‘महापुरुषों का अपमान’

यह मामला प्रदेश के खाद्य और आपूर्ति मंत्री गिरीश बापट से जुड़ा हुआ है। उन्होंने ही विधान परिषद में यह बयान दिया था। कहा कि रामदेव ने योग के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। वह महापुरुष हैं, जबकि पलटवार करते करते हुए कांग्रेस ने रामदेव के लिए 'ट्रेडर बाबा' शब्द का इस्तेमाल किया।

गिरीश बापट महाराष्ट्र में खाद्य और आपूर्ति मंत्री हैं। गुरुवार को उनके बयान पर विधान परिषद में हंगामा हुआ था। (फोटोः फेसबुक)

“योगगुरु और पतंजलि आयुर्वेद कंपनी के संस्थापक बाबा रामदेव महापुरुष हैं। उन्होंने योग के क्षेत्र में देश का नाम हर जगह ऊंचा किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह एक राष्ट्र पुरुष हैं।” ये बातें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक मंत्री ने गुरुवार (22 मार्च) को कही। महाराष्ट्र विधान परिषद के अंदर इसी मसले पर बवाल कट गया। सत्तारूढ़ दल पर हमलावर होते हुए विपक्ष ने रामदेव को महापुरुष बताने पर इसे महापुरुषों का अपमान करार दिया है। यह मामला प्रदेश के खाद्य और आपूर्ति मंत्री गिरीश बापट से जुड़ा हुआ है। उन्होंने ही विधान परिषद में यह बयान दिया था। कहा कि रामदेव ने योग के क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है। वह महापुरुष हैं, जबकि पलटवार करते करते हुए कांग्रेस ने रामदेव के लिए ‘ट्रेडर बाबा’ शब्द इस्तेमाल किया। विपक्ष के नेता इसी पर आग-बबूला हो गए और वे जोर-जोर से नारे लगाने लगे। नतीजतन, सदन की कार्रवाई को स्थगित करना पड़ा।

हुआ यूं कि सदन में कांग्रेस सदस्य संजय दत्त ने पूछा कि सरकार (सरकारी वेब पोर्टल) सेवा केंद्र पर पतंजलि के उत्पाद क्यों बिक रहे हैं? विपक्ष यह जानना चाहता है कि आखिर क्यों इस निजी कंपनी के उत्पाद सरकारी वेबसाइट पर बेचे जा रहे हैं? दत्त ने आगे कहा कि सरकार रामदेव पर मेहरबान है। सरकार ने इससे पहले नागपुर के मिहान में फूड पार्क के लिए तकरीबन 600 करोड़ रुपए की जमीन रामदेव को बेहद सस्ती दर पर देने का फैसला किया था।

बापट ने इसी के जवाब में कहा कि योग और स्वदेशी उत्पादन के क्षेत्र में रामदेव क्रांति लाए हैं। विपक्ष का इस तरह उन पर बयानबाजी करना ठीक नहीं है। योग की दुनिया में जो काम उन्होंने किया है, उस पर पूरे भारतवर्ष को नाज है। दोनों पक्षों के बीच हुए बवाल के कारण लगभग 40 मिनटों तक कार्रवाई रुकी रही थी।

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