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सलमान बरी, गौमांस प्रतिबंध, मैगी मुद्दा महाराष्ट्र के कानूनी गलियारों में छाए रहे

गौमांस पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाओं, जर्मन बेकरी विस्फोट में हिमायत बेग को दी गई फांसी की सजा पर सुनवाई, घोटालों के कारण चर्चा में रही आदर्श आवासीय सोसायटी को गिराने के केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ दायर की गई याचिका और वर्ष 2002 के हिट-एंड-रन मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को बरी किये जाने के मुद्दे बीते साल महाराष्ट्र के कानूनी गलियारों में छाए रहे..

Author मुंबई | January 1, 2016 9:12 PM
बंबई उच्च न्यायालय (फाइल फोट)

गौमांस पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिकाओं, जर्मन बेकरी विस्फोट में हिमायत बेग को दी गई फांसी की सजा पर सुनवाई, घोटालों के कारण चर्चा में रही आदर्श आवासीय सोसायटी को गिराने के केंद्र सरकार के आदेश के खिलाफ दायर की गई याचिका और वर्ष 2002 के हिट-एंड-रन मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को बरी किये जाने के मुद्दे बीते साल महाराष्ट्र के कानूनी गलियारों में छाए रहे।

पिछले साल नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पानसरे की हत्या के मामलों की जांच को उच्च न्यायालय में चुनौती दिए जाने, सोहराबुद्दीन मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को बरी किए जाने और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा मानहानि का मुकदमा दायर किए जाने जैसे मुद्दे सुर्खियों में रहे।  शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के वसीयतनामे पर उनके परिवार में पैदा हुए विवाद, बोहरा-उत्तराधिकार विवाद, राजेश खन्ना के परिवार वालों और उनकी लिव-इन पार्टनर अनीता आडवाणी के बीच कानूनी जंग, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री छगन भुजबल द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार, दहेज उत्पीड़न के मामले में राधे मां की कथित संलिप्तता और मुंबई उच्च न्यायालय में आयकर विभाग के खिलाफ एक मामले में वोडाफोन की जीत भी बीते साल चर्चा में रही।

महाराष्ट्र में लागू गौमांस प्रतिबंध कानून की संवैधानिक वैधता को लेकर उच्च न्यायालय कई मामलों की सुनवाई कर रहा है। फरवरी, 2015 में राष्ट्रपति ने महाराष्ट्र पशु संरक्षण (संशोधन) अधिनियम को मंजूरी दे दी। जहां इस कानून के तहत वर्ष 1976 में गायों के वध पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, वहीं हालिया संशोधनों के जरिये बैलों के वध, उसका मांस रखने और उपयोग में लाने को भी प्रतिबंधित कर दिया गया।

बहुचर्चित हिट-एंड-रन मामले में एक सत्र अदालत ने छह मई, 2015 को सलमान खान को दोषी ठहराया था। सलमान ने सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की, जिसने 10 दिसंबर को अभिनेता को यह कहते हुए दोषमुक्त करार दिया कि अभियोजन इस बात को साबित करने में विफल रहा कि सलमान नशे की हालत में कार चला रहे थे।

इस साल सामाजिक कार्यकर्ताओं दाभोलकर और पानसरे के परिवार वालों ने स्वतंत्र एजंसी से जांच कराने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को कार्टून के जरिये राष्ट्रीय प्रतीक और संसद के कथित अपमान को लेकर देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद दायर की गई एक याचिका पर उच्च न्यायालय ने पिछले साल मार्च में यह व्यवस्था दी कि सरकार की आलोचना करते हुए लिखने या बोलने वाले व्यक्ति के खिलाफ देशद्रोह का आरोप तब तक नहीं लगाया जा सकता है, जब तक इससे हिंसा और सार्वजनिक तौर पर अव्यवस्था पैदा नहीं हो। इस आदेश के बाद महाराष्ट्र सरकार ने एक परिपत्र जारी किया लेकिन आम लोगों द्वारा आलोचना किए जाने के कारण उसे जल्द ही वापस ले लिया गया।

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