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महाराष्ट्र: कर्मचारियों की सैलरी के पैसे नहीं, मंत्रियों के लिए लग्जरी कारों का ऑर्डर

दो दिन पहले ही महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री विजय वडेतिवार ने कहा था कि उनकी सरकार के पास कर्मचारियों की तनख्वाह देने के लिए पैसै नहीं हैं।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र मुंबई | Published on: July 4, 2020 4:50 PM
Maharashtra Legislative Council Elections, Maharashtra Legislative Council, Congress, INC, Nomination, Withdraw, Candidate, Raj Kishor Modi, Polls, CM, Uddhav Thackeray, Unopposed Member, State News, Hindi Newsमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

कोरोनावायरस के दौरान लगे लॉकडाउन का असर केंद्र सरकार के साथ राज्यों के राजस्व पर भी पड़ा है। कई राज्य सरकारों ने टैक्स कलेक्शन न हो पाने की वजह से कर्मचारियों की सैलरी न दे पाने की बात तक कही है। इनमें महाराष्ट्र सरकार भी शामिल है। हालांकि, इस बीच खजाना खाली होने का दावा करने वाली उद्धव सरकार ने मंत्रियों और अफसरों के लिए छह लग्जरी कारों को खरीदने का ऑर्डर दे दिया है। इन कारों के लिए 1.37 करोड़ रुपए सैंक्शन किए गए हैं।

जिन मंत्रियों और अफसरों के लिए यह कारें खरीदी जा रही हैं, उनमें खेल और शिक्षा विभाग शामिल हैं। बताया गया है कि प्रत्येक कार के लिए 22.8 लाख रुपए मुहैया कराए गए हैं। इसके लिए खुद वित्त विभाग और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने हरी झंडी दिखाई है।

बता दें कि दो दिन पहले ही महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री विजय वडेतिवार ने कहा था कि महाराष्ट्र के राज्य कर्मचारियों की तनख्वाह देने के लिए भी अब लोन लेना पड़ेगा। उन्होंने कहा था कि सिर्फ 3-4 विभागों को छोड़कर बाकी सबकी तनख्वाह काटी गई है। वडेतिवार ने राज्य में फंड्स की कमी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, उन्होंने कोरोनावायरस महामारी से निपटने के लिए राज्य के पास पूरे फंड्स होने की बात कही थी।

इससे पहले मार्च में महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि उसके वरिष्ठ अधिकारियों (मंत्री और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि) को उनकी मासिक तनख्वाह का सिर्फ 40 फीसदी हिस्सा ही दिया जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार के कार खरीदने के लिए 1.37 करोड़ रुपए खर्च करने के फैसले पर विपक्षी भाजपा ने उसका घेराव किया है। बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार अपने लोगों की मदद नहीं कर पा रही। न ही वह अपनी पुलिस और फ्रंटलाइन पर कोरोना से निपटने में जुटे वॉरियर्स को बचा पा रही है और न ही सैलरी दे पा रही है। लेकिन उनके पास अपने मंत्रियों की कारों के लिए पैसे हैं। हम सरकार से कर्मचारियों की तनख्वाह वापस करने और आर्थिक पैकेज देने की मांग करते हैं।

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