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कमिश्नर बने ‘कमाल खान’, एसीपी को बनाया ‘बेगम’ और पहुंच गए थाने, फिर क्या हुआ, जानिए

पुलिस कमिश्नर ने एक ही रात में अलग-अलग शिकायतों के साथ तीन थानों का दौरा किया, जानें पुलिस से क्या मिली प्रतिक्रिया।

पुलिस कमिश्नर कृष्ण प्रकाश और एसीपी प्रेरणा कुट्टे (बाएं)। (फोटो- Indian Express)

महाराष्ट्र के पिंपरी में एक कमिश्नर और महिला एसीपी की समझदारी और सूझबूझ से अब एक पूरे पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी ही मुसीबत में आ गए हैं। दरअसल, कमिश्नर-एसीपी ने बुधवार को थाने का अचानक दौरा किया था। इसमें सामने आया कि अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किए गए 9 लोगों को एक साथ एक ही लॉकअप में रखा गया है। खास बात यह है कि पुलिसवाले जान तक नहीं पाए कि कमिश्नर ने अचनाक पुलिस स्टेशन का दौरान किया है, क्योंकि दोनों ही अफसर भेष बदलकर एक मुस्लिम दंपती के रूप में थाने पहुंचे थे।

बताया गया है कि पुलिस कमिश्नर ने पिंपरी पुलिस स्टेशन में भारी अव्यवस्था देखी। उन्होंने कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया है और पुलिसकर्मियों से जवाब मांगा है। पुलिस चीफ ने शुक्रवार को इस घटना पर कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को समाज के सामने उदाहरण पेश करना चाहिए, वे खुद ही लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते दिख रहे हैं।

असंवेदनशीलता दिखाने के लिए भी होगी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई: पुलिस चीफ ने कहा कि उनके जवाब के आधार पर ही तय होगा कि पुलिसकर्मियों को क्या सजा दी जाए। हालांकि, उन पर सिर्फ कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने के लिए कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि इस बात की भी कार्रवाई होगी कि उन्होंने एंबुलेंस की ओर से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायत करने वाली दंपती से असंवेदनशील व्यवहार किया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह दंपती कमिश्नर कृष्ण प्रकाश और एसीपी प्रेरणा कुट्टे थे, जो भेष बदलकर पुलिसकर्मियों को परखने पहुंचे थे।

सामने आया है कि पुलिस कमिश्नर ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मुस्लिम युवक भेष बनाया। इस दौरान उन्होंने कुर्ता और जींस पहना और टोपी के साथ एक विग भी लगाई। उन्होंने खुद का नाम कमाल खान बताया। इसमें उनका साथ दिया महिला एसीपी ने, जो उनकी पत्नी बनकर साथ में ही थाने पहुंचीं।

दंपती बनकर थाने पहुंचने के बाद दोनों ने पुलिस से एंबुलेंस की ओर से की जा रही वसूली की शिकायत की। हालांकि, ड्यूटी पर मौजूद किसी पुलिसकर्मी ने उनकी शिकायत नहीं सुनी। इतना ही नहीं दंपती को संत तुकाराम नगर पुलिस चौकी जाकर शिकायत लिखाने के लिए कहा गया। बताया गया है कि यह पुलिस चौकी तीन किमी दूर थी। देर रात में एक दंपती से अकेले जाने के लिए कहने और उनकी शिकायत दर्ज न करने का कमिश्नर ने संज्ञान लिया। प्रकाश के मुताबिक, थाने में कोई भी उनकी शिकायत के प्रति संवेदनशील नहीं था।

दो और थानों का भी किया औचक दौरा: एसीपी कट्टे के मुताबिक बाद में एक कॉन्स्टेबल ने उन्हें पहचान लिया। कमिश्नर ने इसके बाद पूरे थाने के जबरदस्त डांट लगाई। बाद में दोनों अफसर दो और पुलिस स्टेशन- हिंजावाड़ी और वाकड़ गए। हिंजवाड़ी स्टेशन में उन्होंने शिकायत की कि नमाज पढ़कर लौटने के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को कुछ असमाजिक तत्वों ने परेशान किया। इसके बाद हिंजावाड़ी थाने के पुलिसकर्मी उनके साथ घटनास्थल पर भी पहुंचे। इस फुर्ती के लिए कमिश्नर ने थाने की तारीफ की।

इसी तरह वाकड़ पुलिस स्टेशन में भी कमिश्नर मुस्लिम युवक के भेष में पहुंचे और अपनी पत्नी से चेन छीने जाने की घटना की शिकायत करने लगे। थाने में ड्यूटी में लगे कर्मियों ने एक पीएसआई को तुरंत घटनास्थल पर जाने के लिए कहा। साथ ही दंपती को रात होने की वजह से पुलिस जीप में घर भेजने के लिए कहा। इसके बाद पुलिस कमिश्नर ने अपनी पहचान जाहिर करते हुए थाने के पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की।

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