महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की एक टिप्पणी को लेकर राज्य में सियासी विवाद खड़ा हो गया है। सपकाल की टिप्पणी के विरोध में बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को पुणे में कांग्रेस के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेताओं पर पथराव करने का आरोप लगाया।

बीजेपी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के मद्देनजर इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इस मामले में बीजेपी नेता की शिकायत पर एफआईआर भी दर्ज की गई है।

बीजेपी नेताओं ने सपकाल की टिप्पणियों की निंदा करते हुए पुणे में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पथराव किया, जिसमें उसके दो कार्यकर्ता घायल हो गए।

पुलिस उपायुक्त (जोन एक) कृषिकेश रावले ने कहा कि पुलिस ने टकराव को रोकने के लिए दखल दिया।

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बीजेपी नेता की शिकायत पर एफआईआर

बीजेपी की पुणे इकाई के अध्यक्ष धीरज घाटे ने हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में सपकाल के खिलाफ शिकायत दी और इस आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।

टीपू सुल्तान का चित्र लगाने से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा विवाद मालेगांव महानगरपालिका की उप-महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने से शुरू हुआ था। शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और ‘स्वराज’ के विचार को पेश करने के टीपू सुल्तान के तरीके का जिक्र करते हुए अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध के उनके आह्वान का उदाहरण दिया था। सपकाल ने दावा किया था कि यह लड़ाई शिवाजी महाराज के आदर्श की तर्ज पर थी।

बीजेपी पर लगाया दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप

इससे पहले कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के नेता सचिन सावंत ने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने और ध्रुवीकरण का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। सचिन सावंत ने कई उदाहरणों का हवाला देते हुए दावा किया कि बीजेपी नेताओं ने पहले सार्वजनिक जगहों और आधिकारिक मंचों पर 18वीं शताब्दी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान की प्रशंसा की थी।

सावंत ने कहा कि 2012 में बीजेपी ने अकोला महानगरपालिका में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें पूर्व महापौर और बीजेपी के अकोला चुनाव प्रभारी विजय अग्रवाल ने स्थायी समिति हॉल का नाम ‘शहीद-ए-वतन शेर-ए-मैसूर टीपू सुल्तान’ रखने की बात कही थी।

सावंत ने अपने बयान में दावा किया कि बीजेपी पहले टीपू सुल्तान की प्रशंसा करती थी लेकिन अब ध्रुवीकरण के अपने एजेंडे के तहत उन्हें बुरा बताती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान के मकबरे का दौरा किया था और उनकी प्रशंसा की थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी कर्नाटक विधानसभा में टीपू सुल्तान की प्रशंसा की थी।

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