महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने हाल ही में राज्य विधानसभा में कहा कि ज्यादातर महिलाओं के घर छोड़ने का मुख्य कारण उनके प्रेम संबंध हैं। उन्होंने कहा कि जहां ज्यादातर महिलाएं ‘प्रेम संबंधों’ के लिए घर छोड़ती हैं, वहीं पुरुषों के घर छोड़ने का प्रमुख कारण ‘पारिवारिक समस्याएं’ बताई जाती हैं।
देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि 46.32 प्रतिशत महिलाएं प्रेम संबंधों के कारण, 20 प्रतिशत पारिवारिक समस्याओं के कारण और दो प्रतिशत मानसिक तनाव के कारण घर छोड़ती हैं। वहीं, 32 प्रतिशत पुरुष घरेलू समस्याओं के कारण घर छोड़ते हैं जबकि 9.12 प्रतिशत प्रेम के कारण घर छोड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बहुत कम लापता मामलों में ही व्यक्ति का वास्तव में अपहरण किया गया था, यहां तक कि उन मामलों में भी जहां किसी नाबालिग के लापता होने की सूचना मिली थी।
लापता महिलाओं में से केवल 5.25% का अपहरण किया गया था- फड़नवीस
फड़नवीस ने 2021-2026 के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा, “महिलाओं की बात करें तो लापता महिलाओं में से केवल 5.25 प्रतिशत का अपहरण किया गया था। शेष मामलों में, पीड़ित महिलाएं अपनी मर्जी से घर से भाग गईं।” इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) जैसी पार्टियों ने राज्य में लापता बच्चों के बढ़ते मामलों का मुद्दा उठाया है। देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि 2021-2026 के बीच 2,34,811 महिलाएं लापता हुईं जबकि 2,17,758 पुरुष लापता हुए जिनमें से 93 प्रतिशत घर लौट आए।
महाराष्ट्र में दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) के बारे में बात करते हुए सीएम ने कहा कि मई 2026 तक राज्य में दोषसिद्धि दर 52.6 प्रतिशत थी जो पिछले वर्ष के 44.2 प्रतिशत और 2011-12 के 9.4 प्रतिशत से अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले के कानूनों के कारण दोषसिद्धि दर कम थी लेकिन भारतीय न्याय संहिता के आने से हमारा लक्ष्य दोषसिद्धि दर को 70 प्रतिशत तक पहुंचाना है।”
सीएम बोले- 50 प्रतिशत मामलों में 60 या 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई
बीएनएस द्वारा अनिवार्य किए गए परिवर्तनों के संबंध में महाराष्ट्र के अनुपालन के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 90 प्रतिशत मामलों में ई-सबूत का इस्तेमाल किया गया है जिसमें गवाहों की गवाही को कैमरे पर रिकॉर्ड किया जाता है ताकि उन्हें मुकदमे के दौरान मुकरने से रोका जा सके। देवेंद्र फड़नवीस ने आगे कहा, ” 50 प्रतिशत मामलों में निर्धारित 60 या 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की गई है और बलात्कार के मामलों में 90 प्रतिशत मामलों में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाती है।”
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शनिवार शाम को शिवसेना यूबीटी के छह बागी सांसदों के शिंदे गुट की शिवसेना में विलय को मंजूर दे दी है। इसके बाद अब लोकसभा में शिवसेना के 13 सांसद हो गए हैं। इस पर कांग्रेस नेता उदित राज ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
