महाराष्ट्र सरकार लाडकी बहिन योजना का नाम दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नाम पर रखने पर विचार कर रही है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने बुधवार को कहा कि हम इस बारे में सोच रहे हैं।
एनसीपी एमएलसी अमोल मिटकरी ने मंगलवार को मांग की थी सरकार की प्रमुख योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ का नाम अजित पवार के नाम पर रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
हरिद्वार में रिपोर्टरों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस बारे में विभिन्न मांगे की जा रही है। हम साथ बैठेगें और विचार करेगें कि कैसे और क्या करना है।” राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता अजित पवार और चार अन्य लोग पुणे जिले के बारामती में एक प्लेन क्रैश में 28 जनवरी को मारे गए थे।
अमोल मिटकरी ने की थी मांग
अमोल मिटकरी ने कहा अजितदादा राज्य में महिलाओं के लिए प्रिय भाई थे। उन्होंने कहा, वह पूरे राज्य में दौरा करते थे और इस दौरान उनकी कलाई राखियों के भर जाती थी। राज्य सरकार उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे और यह तभी मुमकिन है जब इस योजना का नाम ‘अजित दादा की लाडकी बहिन योजना’ रखी जाए।
अजित पवार के कार्यकाल में ही शुरू हुई थी योजना
‘लाडकी बहिन योजना’ अजित पवार के वित्त मंत्री रहते हुए घोषित और जुलाई 2024 में शुरू की गई, इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को सीधे बैंक के माध्यम से हर महीने 1,500 रुपये की सहायता दी जाती है।
माना जाता है कि इस योजना ने 2024 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आगे पढ़िए NCP विलय का मुद्दा: ‘किस अधिकार के साथ मेरा नाम ले रहे’, फड़नवीस पर भड़के शरद पवार
(इनपुट- PTI)
