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मौत या हत्या: बाघिन ‘अवनि’ पर मेनका और महाराष्ट्र सरकार में ठनी

इस बाघिन के बारे में माना जाता था कि पिछले दो सालों में उसने 13 लोगों की जान ली। शार्प शूटर असगर अली ने शुक्रवार रात को टी-1 के आधिकारिक नाम से पहचानी जाने वाली बाघिन बोराटी जंगल की कंपार्टमेंट संख्या 149 में मारा था। यह इलाका यवतमाल जिले के रालेगांव थाने के अधीन आता है।

Author November 6, 2018 2:57 AM
वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि मेनका के पास इस मुद्दे को लेकर सूचना की कमी है

बाघिन अवनि की कथित हत्या को लेकर केंद्रीय मेनका गांधी की ओर से सवाल उठाए जाने पर महाराष्ट्र सरकार ने आपत्ति जताई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाघिन की हत्या की घटना को दुखद करार देते हुए कहा कि प्रक्रिया में किसी भी तरह की चूक की जांच की जाएगी। उधर वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि मेनका के पास इस मुद्दे को लेकर सूचना की कमी है और अगर वे चाहती हैं तो इस मामले में उच्चस्तरीय जांच का आदेश दे सकती हैं।

इस बाघिन के बारे में माना जाता था कि पिछले दो सालों में उसने 13 लोगों की जान ली। शार्प शूटर असगर अली ने शुक्रवार रात को टी-1 के आधिकारिक नाम से पहचानी जाने वाली बाघिन बोराटी जंगल की कंपार्टमेंट संख्या 149 में मारा था। यह इलाका यवतमाल जिले के रालेगांव थाने के अधीन आता है। पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा, बाघिन के मारे जाने पर किसी को भी कोई खुशी नहीं है। वन विभाग ने यह फैसला किया क्योंकि उसने (बाघिन ने) 13-14 लोगों को मार डाला था। इस पर कुछ संदेह है कि बाघिन को पहले गोली लगी या फिर बेहोश करने के लिए तीर मारा गया। इस तथ्य की जांच की जाएगी। फडणवीस ने कहा कि उन्हें मुहैया कराई गई प्राथमिक रिपार्ट के अनुसार, बाघिन को उस वक्त गोली मारी गई जब बाघिन ने उसे बेहोश करने की कोशिश कर रहे वनकर्मी पर हमला कर दिया।

बाघिन के मारे जाने के मामले पर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के बयान पर सवाल किए जाने पर फडणवीस ने कहा कि मंत्री ने ‘सख्त शब्दों’ का इस्तेमाल किया। महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने भी मेनका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि केंद्रीय मंत्री को मामले की उचित जानकारी नहीं है। सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि मेनका के पास इस मुद्दे को लेकर सूचना की कमी है और अगर वे चाहती हैं तो इस मामले में उच्चस्तरीय जांच का आदेश दे सकती हैं। इस बाघिन के बारे में माना जाता था कि पिछले दो सालों में उसने 13 लोगों की जान ली थी। अवनि के दो शावक हैं जो दस महीने के हैं। यवतमाल जिले के बोराटी जंगल में शार्प शूटर असगर अली ने एक अभियान के तहत शुक्रवार की रात इस बाघिन को मार गिराया। अवनि की मौत पर मेनका ने कई ट्वीट किए थे और कई पक्षों के विरोध के बावजूद उसे मारने का आदेश देने पर महाराष्ट्र सरकार की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने यह मामला बड़ी प्रखरता से उठाएंगी।

मुनगंटीवार ने कहा कि गांधी की आलोचना मुद्दे पर ‘उनकी जानकारी की कमी की वजह से उपजी है’ और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक मंत्री के तौर पर न तो उनके पास और न ही उनके विभाग के किसी भी सचिव के पास इस तरह की हत्या का आदेश देने का अधिकार होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले राष्ट्रीय बाघ संरक्षण अधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के तहत लिए जाते हैं। मुनगंटीवार ने कहा, उन्हें (गांधी को) जानवरों से प्रेम है। हालांकि वे महिला और बाल विकास मंत्री हैं। मुझे उन महिलाओं के बारे में सोचना था जिन्हें बाघिन ने अपना शिकार बनाया था। राज्य के वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि अगर गांधी सही समझें तो वे एनटीएस के दिशा-निर्देशों में बदलाव का सुझाव दे सकती हैं। मुनगंटीवार और गांधी दोनों ही भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं।

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