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संजय राउत से बोले देवेंद्र फड़णवीस- उद्धव जी या आप होते महाराष्‍ट्र के सीएम, अगर…

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने बताया कि भाजपा ने विधानसभा चुनावों से पहले शिवसेना को 147 सीट देने को तैयार थी। सहयोगी पार्टी यदि मान जाती तो आज उद्धव जी महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री होते।

मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे। (Express photo by Ganesh Shirsekar)

भाजपा और शिवसेना के बीच तल्‍खी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शिवसेना NDA के सबसे पुराने घटक दलों में से एक है, लेकिन वर्ष 2014 के बाद से ही दोनों दलों के बीच दूरियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बीच, महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और संजय राउत के मुख्‍यमंत्री बनने को लेकर अहम खुलासा किया है। राउत से बात करते हुए उन्‍होंने बताया कि विधानसभा चुनावों से पहले शिवसेना यदि सीट शेयरिंग पर भाजपा के प्रस्‍ताव को स्‍वीकार कर लेती तो आज उद्धव जी या आप (संजय राउत) महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री होते। शिवसेना नेता ने विधानसभा चुनावों से पहले वर्ष 2014 में शिवसेना से नाता तोड़ने और अकेले चुनाव लड़ने को लेकर सवाल पूछा था। फड़णवीस ने कहा, ‘हमलोगों ने आपको (संजय राउत) 147 सीट का प्रस्‍ताव दिया था, लेकिन आप 151 सीट की मांग पर अड़े हुए थे। यदि आपने मेरा प्रस्‍ताव स्‍वीकार किया होता तो शिवसेना को बीजेपी से ज्‍यादा सीटें आतीं और या तो उद्व जी या फिर आप मुख्‍यमंत्री बनते।’ बता दें कि भाजपा को 288 सीटों वाली विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हुआ था। शिवसेना ने बाद में जाकर भाजपा का समर्थन किया था। अब शिवसेना ने 2019 का चुनाव अकेले दम पर लड़ने का फैसला किया है।

वर्ष 2019 के आमचुनावों को देखते हुए प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ एकजुट होने लगे हैं। इससे भाजपा भी अपने सबसे पुराने सहयोगी को मनाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसको देखते हुए फड़णवीस ने शिवसेना को मनाने की कोशिश भी की। ‘लोकमत समाचारपत्र’ के एक कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा, ‘शिवसेना हमेशा से बालासाहब ठाकरे के सिद्धांतों पर काम करती रही है। जब भी कथित धर्मनिरपेक्ष ताकतें एक साथ आती हैं तो वे लोग जिन्‍हें सभी धर्मों में विश्‍वास में है और हिंदुत्‍व से जुड़ी ताकतों को भी साथ आना पड़ता है। मुझे पता है जब ऐसी परिस्थिति आएगी तो बालासाहब ठाकरे के सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी पीछे नहीं हटेगी।’ इस कार्यक्रम में शिवसेना नेता संजय राउत ने सीएम फड़णवीस से कई तीखे सवाल पूछे थे। राउत ने महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री से पूछा कि जब बालासाहब ठाकरे थे तो शिवसेना-भाजपा गठजोड़ वाली सरकार का रिमोट कंट्रोल उनके हाथों में रहता था, आजकल यह किनके हाथ में है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा प्रमुख अमित शाह? फड़णवीस ने कहा कि इस सरकार में रिमोट कंट्रोल की व्‍यवस्‍था नहीं है। सीएम ने कहा कि वह ‘सामना’ नहीं पढ़ते हैं।

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