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सियासत में रहने के बजाय ‘घर जा खाना पकाएं’- सुप्रिया सुले पर BJP नेता का बयान, NCP बोली- रोटी बनाना सीखें पाटिल, पत्नी की करें मदद  

उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय के चुनावों में ओबीसी को आरक्षण देने की हाल में इजाज़त दी थी। दोनों नेता महाराष्ट्र में भी इसे लागू करने को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

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चंद्रकांत पाटिल ने बुधवार को भाजपा के विरोध के दौरान एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बेटी सुले पर निशाना साधा। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

राजनेताओं का एक दूसरे के खिलाफ कड़ी बयानबाजी और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना राजनीति में सामान्य प्रथा सी बन गया है। लगभग सभी दलों में इस तरह के हालात देखे जा सकते हैं। इसको लेकर कई बार विवाद भी हुआ और अपने नेताओं का अपमान देख कार्यकर्ताओं ने सड़क पर प्रदर्शन भी किया, लेकिन नेता मानते ही नहीं हैं। नया मामला महाराष्ट्र का है, जहां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि आप राजनीति करना नहीं जानती हैं तो घर जाकर खाना पकाइए।

पाटिल ने भाजपा की मुंबई इकाई की ओर से स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने की मांग को लेकर किए जा रहे एक प्रदर्शन के दौरान बुधवार को यह टिप्पणी की। दरअसल उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय के चुनावों में ओबीसी को आरक्षण देने की हाल में इजाज़त दी थी।

इसको लेकर एक दिन पहले बुधवार को इसी मुद्दे पर सुप्रिया सुले अपनी पार्टी की एक बैठक को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित मध्य प्रदेश को ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट से राहत कैसे मिली, इस पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री दिल्ली आए और ‘किसी’ से मिले… मुझे नहीं पता कि अचानक क्या हुआ। अगले दो दिन बाद उन्हें ओबीसी आरक्षण के लिए हरी झंडी मिल गई…।”

सुप्रिया सुले ने जिस जगह यह बात कही थी, उससे कुछ मीटर की दूरी पर ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल आरक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सुप्रिया सुले के बयान का जवाब देते हुए कहा, “आप राजनीति में क्यों हैं? घर जाओ और खाना बनाओ। आप राजनीति में हैं और आपको समझ में नहीं आता कि सीएम से कैसे मिलना है? आप (भी) दिल्ली जाएं या नर्क या कहीं भी जाएं, लेकिन आरक्षण दें।”

पाटिल की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राकांपा की महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष विद्या चव्हाण ने पाटिल का नाम लिए बिना कहा कि एक व्यक्ति जिसने एक महिला विधायक का टिकट काट कर उनकी सीट से खुद चुनाव लड़ा, वह एक ऐसी सांसद का अपमान कर रहा हैं, जिन्हें दो बार (अच्छे प्रदर्शन के लिए) संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कहा कि रोटी बनाना पाटिल सीखें और पत्नी की मदद करें। सुप्रिया सुले के पति ने भी पाटिल की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है।

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