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सरकारी दफ्तर से चोरी में बीजेपी नेता गिरफ्तार, असली फाइल निकलवाने में जुटी पुलिस

उल्‍हासनगर से भाजपा पार्षद प्रदीप रामचंदानी को नगर निगम के दफ्तर से फाइल चुराने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज में उन्‍हें कथित तौर पर फाइल चुराते हुए देखा गया है।

भाजपा नेता को निगम दफ्तर से फाइल चोरी के आरोप में भाजपा पार्षद को गिरफ्तार किया गया। (फोटो सोर्स: रॉयटर्स)

महाराष्‍ट्र के उल्‍हासनगर में एक चौंकाने वाला वाकया सामने आया है। सरकारी दफ्तर से चोरी के मामले में पुलिस ने भाजपा पार्षद प्रदीप रामचंदानी को हिरासत में लिया है। भाजपा नेता पर उल्‍हासनगर नगर निगम के दफ्तर से ठेके से जुड़ी फाइल चुराने का आरोप है। स्‍थानीय कोर्ट ने रामचंदानी की पुलिस हिरासत 19 मई तक के लिए बढ़ा दी है। पुलिस को कोर्ट को बताया था कि भाजपा नेता ने फर्जी फाइल सौंपी थी, ऐसे में मूल दस्‍तावेज का पता लगाने के लिए और पूछताछ करने की जरूरत है। पुलिस ने रामचंदानी को 12 मई को हिरासत में लिया था। निगम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में भाजपा नेता कथित तौर पर फाइल चुराते दिखे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्‍हें दबोचा था। पांच दिन तक पुलिस हिरासत में रहने के बावजूद भाजपा नेता ने अभी तक मूल फाइल नहीं सौंपी है।

भाजपा नेता के कार्यालय पर मारा था छापा: फाइल चोरी होने की शिकायत के बाद पुलिस ने निगम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था। एक फुटेज में रामचंदानी फाइल चोरी करते हुए दिखे थे। इसके बाद उनके कार्यालय पर छापा मारा गया था, जहां से एक फाइल बरामद की गई थी। भाजपा पार्षद ने कथित तौर पर इसी फाइल को चुराने की बात कही थी। पुलिस ने बाद में इस फाइल को लोकनिर्माण विभाग में ले जाकर मिलान कराया था, जिसमें यह फर्जी पाया गया था।

आरोपी नेता का बेटा है ठेकेदार: पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए बताया कि भाजपा पार्षद 10 मई दोपहर को निगम कार्यालय में गए थे। उन्‍होंने कपबोर्ड पर रखी फाइल को उठाया, उसे मोड़ा और अपने शर्ट के अंदर रख कर टहलते हुए चलते बने थे। जानकारी के मुताबिक, भाजपा पार्षद रामचंदानी के बेटे ठेकेदार हैं और नगर निकायों से जुड़े करोड़ों रुपये के ठेके लेते हैं। बता दें कि नगर निगम सालाना करोड़े रुपये मूल्‍य का टेंडर निकालता है। इसके लिए बकायदा बोली लगाई जाती है। ऐेसे में कांट्रैक्‍ट से जुड़ी गोपनीय फाइल हाथ लगने से संबंधित व्‍यक्ति को फायदा हो सकता है। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए इसे विशेष रूप से सुरक्षित रखा जाता है।

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