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फडणवीस सरकार ने 34 में से 17 हजार करोड़ रुपए का ही लोन किया माफ, बीजेपी नेता का दावा- 90% किसानों को मिल चुका लाभ

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेद्र फडणवीस ने जून 2017 में किसानों का 34,022 रुपये लोन माफ करने की घोषणा की थी। इसके तहत हर किसान का डेढ़ लाख रुपये तक का लोन माफ किया जाना था। ठाकरे द्वारा मामला उठाए जाने के बाद सोमवार की शाम नागपुर में दानवे ने पत्रकारों से कहा, ''ऋण माफी कहे अनुसार चल रही है। महाराष्ट्र में 90 फीसदी किसानों को ऋण माफी की लाभ मिल चुका है और प्रक्रिया अभी जारी है।''

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है। (Express Archives)

बीते सोमवार को महाराष्ट्र के पंढ़रपुर में रैली के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने किसानों की कर्ज माफी को लेकर भारतीय जनता पार्टी को घेरा था, इसके बाद महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रावसाहेब दानवे का जवाब आया है। रावसाहेब दानवे ने दावा किया कि महाराष्ट्र में किसानों का 90 फीसदी ऋण माफ कर दिया गया है। भारतीय जनता पार्टी ने पिछले वर्ष किसानों की कर्ज माफी की घोषणा की थी। वहीं, लाइव मिंट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि महाराष्ट्र में किसानों की ऋण माफी की गति धीमी है। ऋण माफी के 18 महीनों के बाद राज्य सरकार किसानों का 16,980 करोड़ रुपये का लोन माफ कर सकी है और जिन किसानों ने ऋण चुका दिया है उन्हें उसका इंसेटिव दे सकी है, जबकि किसानों का 34,022 करोड़ रुपये का ऋण माफ करने का वादा किया गया था। पीटीआई के अनुसार पंढ़रपुर में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि किसानों तक ऋण माफी का लाभ नहीं पहुंचा है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेद्र फडणवीस ने जून 2017 में किसानों का 34,022 रुपये लोन माफ करने की घोषणा की थी। इसके तहत हर किसान का डेढ़ लाख रुपये तक का लोन माफ किया जाना था। ठाकरे द्वारा मामला उठाए जाने के बाद सोमवार की शाम नागपुर में दानवे ने पत्रकारों से कहा, ”ऋण माफी कहे अनुसार चल रही है। महाराष्ट्र में 90 फीसदी किसानों को ऋण माफी की लाभ मिल चुका है और प्रक्रिया अभी जारी है।” दानवे ने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसान आत्महत्या प्रभावित 14 जिलों में गेहूं 2 रुपये प्रति किलो और चावल 3 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बांटा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों को आत्महत्या से रोकने के लिए सरकार ने कई योजनाओं को शुरू किया है। आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना के बीच सीट शेयरिंग के सवाल पर दानवे ने कहा, ”अभी तक हम लोगो ने सेना के साथ बात शुरू नहीं की है लेकिन भविष्य में इस पर बात हो सकती है।” हालांकि, सोमवार को रैली के दौरान उद्धव ठाकरे ने भविष्य में चुनावों में बीजेपी के साथ जाने का कोई संकेत नहीं दिया। दानवे ने दावा किया कि लोग दोनों पार्टियों को आने वाले चुनावों में साथ में चुनाव लड़ते हुए देखना चाहते हैं।

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