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#Maharashtra: ‘अचानक राष्ट्रपति शासन का हटना और इस प्रकार शपथ दिलाना कौनसी नैतिकता है’

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा, ‘‘इस माहौल में फडणवीस जी मुख्यमंत्री के रूप में कामयाब हो पाएंगे, यह डाउटफुल है... सीएम और डिप्टी सीएम दोनों ने गिल्टी कॉन्शियस होकर शपथ ली है वे गुड गवर्नेंस दे पाएंगे इसमें संदेह है जिसका नुकसान महाराष्ट्र की जनता को होगा।’’

Author जयपुर | Updated: November 23, 2019 2:33 PM
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का देवेंद्र फड़णविस के सीएम पद को लेकर हमला

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन को हटाकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को शपथ दिलाये जाने की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ वह छिपकर करने की क्या आवश्यकता थी, इस प्रकार अचानक राष्ट्रपति शासन का हटना और इस प्रकार शपथ दिलाना कौनसी नैतिकता है? महाराष्ट्र में बदले राजनैतिक समीकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों अंतरात्मा से दोषी होकर शपथ ली है और वे महाराष्ट्र में सुशासन दे पाएंगे इसमें संदेह है, जिसका नुकसान महाराष्ट्र की जनता को होगा।
गहलोत ने ट्वीट पर कहा कि ये लोग देश में लोकतंत्र को किस दिशा में ले जा रहे हैं। समय आने पर देशवासी इसका जवाब देंगे और बीजेपी को सबक सिखाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘इस माहौल में फडणवीस जी मुख्यमंत्री के रूप में कामयाब हो पाएंगे, यह डाउटफुल है… सीएम और डिप्टी सीएम दोनों ने गिल्टी कॉन्शियस होकर शपथ ली है वे गुड गवर्नेंस दे पाएंगे इसमें संदेह है जिसका नुकसान महाराष्ट्र की जनता को होगा।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ वह छिपकर करने की क्या आवश्यकता थी, इस प्रकार अचानक राष्ट्रपति शासन का हटना और इस प्रकार शपथ दिलाना कौनसी नैतिकता है?

गौरतलब है कि बीजेपी ने आज अलसुबह ही राष्ट्रपति शासन को हटाकर अपनी सरकार बनाई है। देवेंद्र फणड़विस के सीएम बनने के बाद एनसीपी के चीफ शरद पवार ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘महाराष्ट्र में भाजपा का समर्थन करने वाले राकांपा विधायकों को यह बात पता होनी चाहिए कि उन पर दल बदल विरोधी कानून लागू होगा।’’ उन्होंने कहा कि अजित पवार का फैसला अनुशासनहीनता है और कोई भी राकांपा कार्यकर्ता फड़णवीस के नेतृत्व वाली सरकार के समर्थन में नहीं है।

राकांपा विधायकों ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें राज भवन ले जाया गया लेकिन उन्हें यह मालूम नहीं था कि उन्हें शपथ ग्रहण समारोह के लिए ले जाया जा रहा है। पवार ने कहा कि अजीत पवार को हटाने के बारे में फैसला पार्टी की बैठक में लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के धोखे से इनकार नहीं किया जा सकता और अजित पवार ने राकांपा विधायकों की ‘‘बनी बनायी’’ सूची सौंपी होगी।

पवार ने कहा, ‘‘भाजपा के पास सरकार गठन के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। हम शिवसेना के नेतृत्व में सरकार चाहते हैं, हम एकजुट हैं।’’ संवाददाता सम्मेलन में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह महाराष्ट्र पर सर्जिकल स्ट्राइक है और लोग इसका बदला लेंगे। ठाकरे ने कहा कि इस तरह सरकार का गठन संविधान और महाराष्ट्र के लोगों के जनादेश का अपमान है। उल्लेखनीय है कि फड़णवीस और अजित पवार ने शनिवार सुबह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह शपथ ग्रहण ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनी थी।

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