महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि 20 अप्रैल की शाम 06.45 बजे जब इकबाल इब्राहिम सेलिया की पत्नी और बेटा बाहर गए हुए थे तभी कथित तौर पर दो शख्स घर में घुस गए और उन पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में हमले से पहले और बाद में आरोपियों के आने-जाने की हलचल कैद हो गई।
साल 199 में दादर में मुंबई के गैंगस्टर सादिक कालिया का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया गया था, तब उसका भतीजा सादिक जावर महज दो साल का था और फिर 27 साल बाद सादिक जावर ने कथित तौर पर उसे व्यक्ति को ढूंढ निकाला, जिसे वह इस घटना का जिम्मेदार मानता था। सादिक मानता था कि इकबाल की मुखबरी की वजह से एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक के नेतृत्व वाली टीम ने सादिक कालिया का मार गिराया था।
20 से अधिक बार किया वार
20 अप्रैल की शाम को कथित मुखबिर 78 वर्षीय इकबाल इब्राहिस सेलिया नागपाड़ा स्थित अपने घर में अकेले थे, तभी दो लोग अंदर आ गए और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। उन्होंने इकबाल पर 20 से अधिक बार वार किए और यह पक्का करने के बाद ही वहां से गए कि उनकी मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, जब इकबाल की पत्नी और बेटा घर लौटे, तो उन्होंने इकबाल को जमीन पर पड़ा पाया।
चार दिन बाद शुक्रवार को मुंबई क्राइम ब्रांच ने बताया कि उसने कथित हत्यारों सादिक जावर और उसके एक 22 वर्षीय साथी नौशाद मितानी को नागपुर में ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया है।
1999 में पुलिस ने किया था कालिया का एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक, सादिक जवार के चाचा सादिक कालिया का बचपन कालाचौकी में बेहद मुश्किल हालात में बीता। 1990 के दशक में गुजारा करने के लिए वे फुटपाथ पर जूते बेचा करते थे। जब दाऊद इब्राहिम गैंग के लोग हफ्ता लेने आते थे, तो कालिया उन्हें पैसे देने से साफ मना कर देता था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उसकी इसी निडरता पर गैंगस्टर छोटा शकील की नजर पड़ी और उसने कालिया को अपने गैंग में शामिल कर लिया।
1990 के दशक के मध्य से लेकर अंत तक सादिक कालिया और शार्पशूटर मुन्ना झिंगाड़ा (माना जाता है कि अब यह पाकिस्तान में है) ने कथित तौर पर पूरे मुंबई में कई हत्याएं की। 1999 के आखिर में दया नायक और उनकी पुलिस टीम दादर में कालिया का इंतजार कर रही थी, जहां वह एक बड़े राजनेता की हत्या करने आया था।
इकबाल का रिश्तेदार भी है सादिक जावर
पुलिस ने कहा कि सादिक जावर उसी मुठभेड़ की छाया में बड़ा हुआ और उसे यह यकीन हो गया कि नागपाड़ा का रहने वाला इकबाल ही वह मुखबिर था। मीरा रोड का रहने वाला सादिक जावर मृतक इकबाल का रिश्तेदार भी है।
पुलिस ने बताया कि हत्या करने के बाद दोनों एंटॉप हिल गए और फिर विद्याविहार पहुंचे। फिर वहां से उन्होंने कल्याण जाने वाली ट्रेन पकड़ी और फिर एक गाड़ी किराए पर लेकर पूरी रात सफर करते हुए नागपुर पहुंचे।
चार दिनों के अंदर किया गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एक टीम ने उनका पीछा किया और चार दिनों के अंदर ही उन्हें पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर अपना गुनाह कबूल कर लिया।
द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए नागपाड़ा पुलिस थाने के सीनियर इंस्पेक्टर प्रदीप काले ने हत्या और पीड़ित की पहचान की और बताया कि जांच अभी चल रही है। क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को गिरफ्तारी की गई थी और आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फिलहाल मुंबई लाया जा रहा है।
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मुंबई के वर्ली इलाके में भारतीय जनता पार्टी की रैली के दौरान ट्रैफिक जाम से नाराज एक महिला ने महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन को जमकर फटकार लगाई। इसके एक दिन बाद कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन ने यात्रियों से माफी मांगते हुए कहा कि वर्ली में उनकी पार्टी की रैली के कारण हुई असुविधा के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से खेद है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ महिला द्वारा अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना सही नहीं था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
