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मोबाइल पर तलाक को पंचों ने माना सही, पत्नी को पति देगा 25 लाख रुपये, अब तक दिए 5 लाख कैश और 8 तोला सोना

बुधवार को उटावड़ गांव में हुई महापंचायत में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में यह फैसला सुनाया गया। दोनों पक्षों ने इस पर सहमति भी दे दी है।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगर कोई पति एक बार में तीन तलाक बोलता है, तो अब विवाह समाप्त नहीं होगा। (Photo Source: Twitter)

पलवल जिले के हथीन कस्बे में मेव मुस्लिम महापंचायत ने मोबाइल पर दिए तलाक पर अपनी वैधानिकता की मुहर लगा दी है। पति पक्ष को तलाक देने और निकाह पर हुए खर्च के बदले पत्नी पक्ष को 25 लाख रुपये देने होंगे। मौके पर ही पांच लाख रुपये कैश और 8 तोला सोना पंचों को दे दिया गया। आपको बता दें कि मलाई गांव के नसीम ने अपनी पत्नी को मोबाइल पर ही तलाक दे दिया था। इस पर काफी विवाद भी हुआ था। पति पक्ष इस मुद्दे पर दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के इमाम डॉक्टर मुकर्रम एवं दारूल उल उलूम देबबंद के फतवा करा भी लाया था। इसके बाद पंचायतों का दौरा जारी रहा। महापंचायत में पंचों का रवैया कड़ा रहा। दोनों पक्षों की बात सुनकर 14 पंचों ने एक तरफ बैठकर फैसला सुनाया।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पंचों के सामने 12 जनवरी को तलाकनामा लिखा जाएगा। इसके बाद पत्नी पति का घर छोड़ देगी। बच्चे पति पक्ष के पास रहेंगे। बुधवार को उटावड़ गांव में हुई महापंचायत में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में यह फैसला सुनाया गया। दोनों पक्षों ने इस पर सहमति भी दे दी है।

पंचो ने आदेश दिया कि अगर पति पक्ष के पास कैश 25 लाख में नहीं हैं तो पंचों के नाम कृषि भूमि का एग्रीमेंट बतौर सिक्योरिटी कराया जाएगा। पंचायत के मुख्य पंच आस मोहम्मद ने बताया कि पंचों ने इस मामले में पति पक्ष को 35 लाख रुपये पत्नी पक्ष को देने का आदेश दिया था, लेकिन उन्होंने इसके खिलाफ अपील कर दी। इसके बाद 10 लाख रुपये कम किए गए थे। नसीम हरियाणा वक्फ बोर्ड में रेंट इंस्पेक्टर है और इन दिनों पानीपत में तैनात है।

इससे पहले 23 दिसंबर को हरियाणा के ढकलपुर जिले में एक आदमी ने अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए तलाक दे दिया था क्योंकि उसने उसे बीड़ी का बंडल देने से मना कर दिया था। उस शख्स ने तीन बार तलाक कहकर पत्नी को घर से भी निकाल दिया। उसने महिला के साथ मारपीट भी की थी। महिला का निकाह ग्वालदा गांव के निवासी एक व्यक्ति से 8 साल पहले हुआ था। इस दौरान उनके चार बच्चे हुए। महिला ने बताया कि पिछले महीने उसका पति एक दिन जब घर आया तो उसने बच्चों से बीड़ी का बंडल मांगा। इस पर बच्चों ने कहा कि मम्मी को पता होगा। इस पर वह भड़क गया और महिला को तलाक दे दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताया; कहा- मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करता है, देखें वीडियो ः

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