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‘दिग्विजय सिंह हारे तो हवन कुंड में जिंदा समाधि ले लूंगा’, दावा करने वाले बाबा पर गिरी गाज

भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की जीत के लिए मिर्ची यज्ञ कराने वाले बाबा पर कार्रवाई हुई है। दिग्विजय सिंह की हार के बाद जिंदा समाधि लेने का दावा करने संबंधी बयान पर यह एक्शन लिया गया है।

सोशल मीडिया पर मिर्ची बाबा को लेकर लोग खूब मजाक बना रहे हैं। (फोटोः यूट्यूब वीडियो स्क्रीनशॉट)

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भोपाल संसदीय सीट से कांग्रेसी उम्मीदवार का समर्थन में मिर्ची यज्ञ  कराने वाले महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा को बड़ा झटका लगा है। मिर्ची बाबा को दिग्विजय सिंह की हार के बाद जिंदा समाधि लेने वाले बयान पर निरंजनी अखाड़ा ने निष्कासित कर दिया गया है।

निरंजनी अखाड़ा के मुख्य पंच रविंद्र पुरी महाराज ने वैराग्यानंद की तरफ से दिए गए बयान को आपत्तिजनक माना। रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि उनका बयान अखाड़े की मर्यादा के विरुद्ध है। इस लिए उन्हें अखाड़े से निष्कासित करने का निर्णय लिया है। मुख्य पंच ने कहा कि उनका अब अखाड़े से कोई संबंध नहीं है।

इससे पहले महामंडलेश्वर ने दिग्विजय सिंह की जीत के लिए भोपाल में 5 क्विंटल मिर्ची से यज्ञ कराया। दिग्विजय खुद भी इस यज्ञ में शामिल हुए थे। वैराग्यानंद ने मीडिया से बातचीत में भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा पर भी खूब निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि प्रज्ञा संत नहीं ढोंगी।

महामंडलेश्वर ने दिग्विजय सिंह के लिए प्रचार करने की भी घोषणा की थी। उनका कहना था कि यदि दिग्विजय सिंह नहीं जीते तो मैं नतीजों केबाद जिंदा समाधि ले लूंगा। दूसरी तरफ चुनाव नतीजों के आने के बाद सोशल मीडिया पर मिर्ची बाबा को खोज रहे हैं। लोग कह कर रहे कि बाबा कहां चले गए हैं। क्या वह समाधि की तैयारी कर रहे हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर बाबा का नंबर डालते हुए कह रहे हैं कि बाबा का नंबर बंद आ रहा है। उन्हें जल्द से जल्द ढूंढा जाए।

दिग्विजय के पक्ष में कम्प्यूटर बाबा ने किया था हठ योगः दिग्विजय के समर्थन में मिर्ची यज्ञ के साथ हट योग भी किया गया था। इस यज्ञ को मध्य प्रदेश की सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा पाने वाले कम्प्यूटर बाबा ने किया था। कम्प्यूटर बाबा ने कहा था कि मंदिर का निर्माण नहीं होने पर मोदी को वोट नहीं मिलेगा।

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