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चेन्नई: कॉलेज छात्राओं के शवों का फिर से होगा पोस्टमार्टम

तमिलारासन ने 25 जनवरी को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर चेन्नई के एक सरकारी अस्पताल में अपनी बेटी के फिर से पोस्टमार्टम कराने और मामले की जांच सीबी-सीआइडी से कराने की मांग की थी।

Author चेन्नई | Published on: January 27, 2016 10:10 PM
मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते विल्लुपुरम में आत्महत्या करने वाली तीन कालेज छात्राओं में से एक के पिता की याचिका पर उसका नए सिरे से पोस्टमार्टम कराने की बुधवार को अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति आर. सुब्बियाह ने फिर से पोस्टमार्टम कराने की अनुमति देते हुए मोनिषा के पिता की यह अर्जी भी स्वीकार कर ली कि पोस्टमार्टम के वक्त उनकी पसंद के चिकित्सक मौजूद रहेंगे।

तमिलारासन ने 25 जनवरी को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर चेन्नई के एक सरकारी अस्पताल में अपनी बेटी के फिर से पोस्टमार्टम कराने और मामले की जांच सीबी-सीआइडी से कराने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम के वक्त उनकी पसंद के एक चिकित्सक के मौजूद रहने की भी दरख्वास्त की थी।

विल्लुपुरम के एसवीएस मेडिकल कालेज ऑफ योग एंड नेचुरोपैथी की तीन लड़कियों ने 23 जनवरी को एक कुंए में कूद कर कर आत्महत्या कर ली थी, क्योंकि कालेज प्रशासन अत्यधिक फीस देने के लिए उन्हें कथित तौर पर प्रताड़ित कर रहा था।

कालेज के प्रमुख वासुकी सुब्रह्मण्यम ने चेन्नई की एक अदालत में 25 जनवरी को आत्मसमपर्ण कर दिया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जबकि अन्य दो को इस संबंध में गिरफ्तार किया गया है जिनमें कालेज के प्रधानाचार्य भी शामिल हैं।

मरने वाली छात्राओं की पहचान वी. प्रियंका, टी. मोनिषा और ई. सारण्या के रूप में की गई है जो मेडिकल द्वितीय वर्ष की छात्राएं थीं। तमिलारासन ने आत्महत्या के दावों पर गंभीर संदेह जताया था और आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। अन्य लड़कियों के माता-पिता ने भी अपनी बेटियों की हत्या किए जाने के संबंध में शिकायत की थी। कालेज को 24 जनवरी को ही सील किया जा चुका है।

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