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मध्‍य प्रदेश: सबइंस्पेक्टर बेटे ने वाहन चेकिंग के दौरान काटा एसडीओ पिता का चालान

आमतौर पर अगर किसी शख्स के पिता या कोई रिश्तेदार पुलिस में होते हैं तो वह हेलमेट लगाने या गाड़ी के कागज साथ लेकर चलने की जगह वाहन पर 'पुलिस' या 'प्रेस' लिखवाना बेहतर समझते हैं।

पिता की कार से काली फिल्‍म उतारते सब इंस्‍पेक्‍टर अखिलेश सिंह। फोटो- facebook/ Jiban Anand Mishra

आमतौर पर जब वाहन चेकिंग या पूछताछ के लिए पुलिस किसी को रोक लेती है तो कई लोग पुलिस में ही किसी जानकार को फोन लगाकर चालान से बचने की कोशिश करते हैं। ऐसा भी देखने में आता है कि अगर किसी शख्स के पिता या कोई रिश्तेदार पुलिस में होते हैं तो वह हेलमेट लगाने या गाड़ी के कागज साथ लेकर चलने की जगह गाड़ी पर ‘पुलिस’ या ‘प्रेस’ लिखवाना बेहतर समझते हैं। आमतौर पर लोग मानते हैं कि ऐसा लिखवा लेने से पुलिस चालान नहीं काटती है।

लेकिन मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में ऐसा नहीं हुआ। यहां एक सरकारी ​अधिकारी द्वारा कानून और यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर उनके पुलिसकर्मी बेटे ने ही उनका चालान काट दिया। मध्‍य प्रदेश के उमरिया जिले में पुलिस उपनिरीक्षक के पद पर तैनात अखिलेश सिंह शनिवार को वाहन चेकिंग कर रहे थे।

उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह के पिता आरबी सिंह कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील में एसडीओ के पद पर तैनात हैं। शुक्रवार (26 अक्टूबर) को एसडीओ आरबी सिंह उमरिया में अपने परिवार से मिलने के लिए आ रहे थे। लेकिन वाहन चेकिंग के दौरान उनकी कार को अखिलेश सिंह ने वाहन चेकिंग के दौरान रोक लिया। दोनों लोग एक-दूसरे को देखकर हैरान रह गए।

उसी दौरान उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह ने देखा कि उनके पिता आरबी सिंह की कार के शीशे पर काली फिल्म चढ़ी हुई है। उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह ने अपने साथी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि कार से काली फिल्म निकाल दी जाए। इसके अलावा अखिलेश सिंह ने अपने पिता का चालान भी काट दिया। अखिलेश सिंह के पिता आरबी सिंह ने खुशी-खुशी जुर्माने का भुगतान कर दिया।

नियम के मुताबिक, सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट-1989 के तहत शीशों पर रंगीन या काली फिल्म लगवानी है तो विजिबिलिटी 50% से कम नहीं होनी चाहिए। सामने और पीछे वाले शीशों की विजिबिलिटी 70 फीसदी होनी चाहिए। हालांकि अलग-अलग राज्यों में नियम अलग होते हैं।

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