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स्‍टेज पर नहीं थी मां की फोटो तो बीजेपी नेताओं पर भड़कीं यशोधरा राजे सिंधिया, बैठक छोड़ चली गईं

ग्वालियर के पूर्व राजघराने की बेटी और शिवपुरी से विधायक यशोधरा राजे सिंधिया पार्टी की एक बैठक को बीच में ही छोड़कर चली गईं। बताया गया कि यशोधरा की नाराजगी का कारण यही था कि उनकी मां राजमाता स्व. विजयाराजे सिंधिया की तस्वीर स्टेज पर अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ नहीं रखी गई थी।

मध्य प्रदेश के पूर्व भाजपा विधायक और वरिष्ठ नेता लक्ष्मण तिवारी ने हाल ही मेंं भाजपा छोड़ने का ऐलान किया था। इसके तुरंत बाद ही भाजपा को एक और मुख्य चेहरे की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। ग्वालियर के पूर्व राजघराने की बेटी और शिवपुरी से विधायक यशोधरा राजे सिंधिया पार्टी की एक बैठक को बीच में ही छोड़कर चली गईं। बताया गया कि यशोधरा की नाराजगी का कारण यही था कि उनकी मां राजमाता स्व. विजयाराजे सिंधिया की तस्वीर स्टेज पर अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ नहीं रखी गई थी।

हालां​कि तस्वीर को आधिकारिक रूप से बैठक शुरू होने से पहले मंच पर रख दिया गया। लेकिन तब तक सीएम शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में खेल और युवा कल्याण विभाग की मंत्री यशोधरा राजे कार्यक्रम छोड़कर जा चुकी थीं। यशोधरा, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बहन हैं। वह भोपाल में स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहले ही पहुंच गईं थीं। वह मंच पर अपनी मां की तस्वीर न देखकर नाराज हुईं और तुरंत ही चली गईं।

हालांकि कुछ स्थानीय चैनलों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि वह इसलिए इस मामले को नहीं उठा रही हैं क्योंकि राजमाता उनकी मां हैैं। बल्कि इसलिए उठा रही हैं क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर पार्टी के लिए उनके बलिदानों को देखा है। जाने से पहले उन्होंने कथित तौर पर कहा,” वह पार्टी के लिए रोज कई मील पैदल चला करती थीं और इससे उनके पांवों में छाले भी पड़ जाया करते थे। मेरा अनुमान है कि जिस शख्स ने अपनी जिंदगी पार्टी के लिए समर्पित कर दी है, उसे अब दरकिनार किया जा रहा है।”

मंच पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी बाजपेयी और कुशा भाऊ ठाकरे की तस्वीरें रखी हुईं थीं। जब मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह से यशोधरा राजे सिंधिया की अनुपस्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मीडिया से कहा,” मैं ये नहीं कह सकता कि वह नाराज होकर यहां से गई हैं, संभवत: उन्हें कोई और जरूरी काम होगा।”

सूत्रों के मुताबिक, कई शीर्ष नेताओं ने यशोधरा राजे सिंधिया को बुलाने और उन्हें मंच पर जगह देने के लिए कहा लेकिन उन्होंने किसी चर्चा से इंकार कर दिया। ये मीटिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की आगामी रैली से जुड़ी तैयारियों के संबंध में बुलाई गई थी। मोदी और शाह आने वाले 25 सितंबर को भोपाल में ‘कार्यकर्ता महाकुंभ’ को संबोधित करेंगे। इसी दिन को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती होती है।

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