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रक्षाबंधन पर बहनों के नाम शिवराज की पाती, खुशहाली के लिए मांगे पांच और साल

एनसीआरबी आँकड़ों के मुताबिक़ मप्र में हर दिन 1 महिला से गैंगरेप, 14 से रेप और 23 नाबालिग़ सहित 75 महिलाएँ किडनैप

Author August 23, 2018 12:24 AM
मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान। (express photo)

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रक्षाबंधन से ठीक पहले प्रदेश की तमाम महिलाओं को एक भाव पूर्ण पाती लिखी है। पांच लाख महिलाओं को यह चिट्‌ठी डाक के जरिए भेजी जाएगी। चिट्ठी सुदूर ग्रामीण अंचल की महिलाओं तक पंहुचाई जाएगी। 30 लाइनों वाली चिट्‌ठी में शिवराज ने अपनी तमाम योजनाओं का गुणगान किया है। उन्होंने लिखा है कि अपने भाई शिवराज को पांच साल का मौका और दें ताकि प्रदेश को खुशहाल और सुरक्षित बनाया जा सके। चिट्‌ठी के अंत में एक नंबर देकर यह भी लिखा है कि चिट्‌ठी मिलने पर मिस कॉल, वाट्सअप या मैसेज देकर सूचित जरुर करें।

शिवराज की चिट्‌ठी शब्दश:

मेरी प्यारी बहन,

आपको ढेर सारा स्नेह

भाई-बहन के अटूट प्रेम के त्योहार रक्षाबंधन की आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मैं स्वंय को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे आप जैसी बहन का अटूट स्नेह एंव आशीर्वाद मिल रहा है। बहन छोटी हो या बडी, उसकी मात्र उपस्थिति ही असीम खुशी एंव आनंद देती है। रक्षाबंधन का रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं हैं, बल्कि विश्वास की वह मजबूत डोर है जिससे हम बंधे हुए हैं।

बहन, आपके विश्वास एंव सहयोग से हमने प्रदेश में परिवर्तन की एक शुरुआत की थी। तब से मैं स्वंय आपकी सेवा का हर संभव प्रयास कर रहा हूं। जब मैंने प्रदेश की सेवा करने का संकल्प लिया, तो निश्चिय किया था कि बहनों के लिए कुछ विशेष करना है। बचपन से ही बहनों के साथ होने वाला सामाजिक भेदभाव एंव अन्याय मुझे उद्वेलित कर देता था। मुझे लगता था कि मां-बाप कैसे अपने ही बेटे-बेटियों के बीच फर्क कर सकते हैं।

मैंने तभी निर्णय लिया था कि मैं अपनी बहनों की जिंदगी बदलूंगा। बेटियों को बोझ नहीं वरदान बनाना है, इसलिए मैंने लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाओं के माध्यम से भांजियों के जन्म से लेकर जीवन के हर पडाव पर अपनी सरकार को उनके साथ खडा कर दिया। मैंने प्रण किया था कि मैं अपने किसी भी भांजे-भांजी की पढाई में किसी भी तरह की कोई रुकावट नहीं आने दूंगा, इसलिए मैंने उनके लिए शासकीय स्कूलों में नि:शुल्क पुस्तकें, गणवेश, साइकिल और आर्थिक सहायता की व्यवस्था की। सिर्फ इतना ही नहीं, 12 वीं पास करने वाले किसी भी वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी की मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में उच्च शिक्षा के लिए पूरी फीस मेरी सरकार द्वारा जमा कराई जा रही है।

मैं चाहता हूं कि मेरे भांजे-भांजियां रोजगार लेने के बजाय रोजगार देने वाले बनें। इसलिए हमने स्व-रोजगार के लिए युवा उद्यमी योजना प्रारंभ की है, जिसमें हम बेटियों को अपना उद्यम स्थापित करने के लिए 10 लाख से 2 करोड रुपए तक का ऋण, अनुदान एंव ब्याज अनुदान के साथ उपलब्ध करा रहे हैं।

हमने मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना के माध्यम से अपनी भांजियों के विवाह में मामा होने का दायित्व निभाया। हमने हर संभव प्यास किया कि हमारी बहनें अपनी और अपने परिवार की तरक्की के लिए आत्मनिर्भर बन सकें। मैं देखता था कि हमारी मजदूर बहनें गर्भवती होती है, तो उन्हें एक सप्ताह भी आराम नहीं मिल पाता। इसलिए मुख्यमंत्री जन-कल्याण(संबल) योजनांतर्गत किसी भी वर्ग की मजदूर बहनों को गर्भवती होने पर 400 रुपए एंव प्रसूति होने पर 12000 रुपए देने का काम किया है ताकि मेरी बहनें पौष्टिक भोजन कर सकें, आराम कर सकें और हमारे भांजे-भांजी स्वस्थ्य जन्म लें।

हमने स्थानीय चुनावों में बहनों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण देकर सही अर्थों में महिला सशक्तिकरण सुनिश्चिक किया है। मैंने सारे विरोधों के बावजूद सरकारी नौकरियों में भांजियों के लिए, वन विभाग को छोडकर, 33 प्रतिशत आरक्षण एंव शिक्षा विभाग में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया है। आज प्रदेश में हमारी बहनें और भांजियां जब हमारा नाम रोशन करती हैं, तो गर्व होता है। हमने बहनों और भांजियों के लिए जो कुछ भी किया है वो पूरे दिल से किया है, इसमें कोई भी राजनीति नहीं है। इस प्रयास में आप सबका सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त कर हुआ, इसके लिए आपको ह्रदय से धन्यवाद देता हूं।

बहन, मैं आज जिस मुकाम पर पहुंचा हूं, वो आपके आशीर्वाद से ही संभव हो सका है। आने वाले 5 वर्षों में अपनी बहनों, भांजियों और बेटियों के लिए और अधिक सुरक्षित, सम्मानित एंव खुशहाल वातावरण बनाकर उसकी आर्थिक एंव सामाजिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना ही मेरे जीवन का मिशन है।

इस चिट्‌ठी के मिलते ही ये समझ लिजिएगा कि आपका भाई आपके द्वार आ गया। बहन, आप मुझे 8000669988 पर मिस कॉल, वाट्सएप या एसएमएस देकर जरुर सूचिक करें। आपको पुन: रक्षाबंधन की बधाई।

आपका भाई

शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश में महिला अपराधों के ग्राफ पर एक नजर

एनसीआरबी के आंकडों के मुताबिक मध्यप्रदेश में प्रतिदिन 75 महिलाएं किडनेप हो रही हैं। 14 महिलाएं दुष्कर्म और एक महिला गैंग रेप का शिकार हो रही है। साल 2013 में बलात्कार के आंकडे 4335 था। साल 2017 में बलात्कार के आंकडे 4882 है। पिछले साल के मुकाबले ताजा आंकडों में 12.5 फीसदी बढोतरी हुई है। राज्य महिला आयोग की मार्च 2017 तक की रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल, इंदौर, सागर, ग्वालियर, जबलपुर जैसी बड़े शहरों में सबसे ज्यादा महिलाएं प्रताड़ित होती हैं. ये स्थिति तब है जब इन सभी बड़े शहरों में पढ़ा-लिखा तबका रहता है. इन्हीं शहरों में रेप, अपहरण, दहेज, प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, मारपीट समेत कई तरह की प्रताड़ना महिलाओं को दी जा रही हैं.

बाल अपराध में भी तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश

बाल अपराधों में भी मध्यप्रदेश देश भर में तीसरे स्थान पर है। देशभर में अपहरण और फिरौती के कुल 54 हजार 723 मामले सामने आए हैं। इनमें मध्य प्रदेश में 6 हजार 16 मामले दर्ज किए गए. प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्स एक्ट 2012 के अंतर्गत देश भर में कुल 36 हजार 22 मामले दर्ज हुए। इनमें भी मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर है, पॉक्सो एक्ट के तहत मध्य प्रदेश में कुल 4 हजार 17 मामले दर्ज किए गए।

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