Shivraj government will forced an order on school for hailing jai hind during attendance - मध्‍य प्रदेश में हाजिरी के वक्‍त जय हिंद का नारा लगाएंगे छात्र - Jansatta
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मध्‍य प्रदेश: शिवराज सरकार का आदेश- ‘जय हिंद’ बोलकर हाजिरी लगवाएं स्‍कूली बच्‍चे

मंत्री विजय शाह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'अब विद्यार्थियों को स्कूल में हाजिरी के वक्त 'यस सर' या 'यस मैम' नहीं कहना होगा। उन्हें सिर्फ 'जय हिन्द' ही कहना होगा। ये विद्यार्थियों में, नवयुवकों में देशभक्ति की भावना पैदा करने में मददगार साबित होगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (पीटीआई फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश सरकार ने नया आदेश जारी किया है। उनका आदेश है कि राज्य में सभी स्कूली बच्चे हाजिरी के वक्त ‘जय हिंद’ बोलकर अपनी हाजिरी लगवाएंगे। अपने आधिकारिक बयान में शिक्षा विभाग ने ये लिखा है कि इस फैसले से विद्यार्थियों के मन में देशभक्ति की भावना जन्म लेगी। इससे पहले नवंबर 2017 में मध्य प्रदेश के स्कूली शिक्षा मंत्री विजय शाह ने इस बारे में पहली बार विचार रखे थे।

मंत्री विजय शाह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था,’अब विद्यार्थियों को स्कूल में हाजिरी के वक्त ‘यस सर’ या ‘यस मैम’ नहीं कहना होगा। उन्हें सिर्फ ‘जय हिन्द’ ही कहना होगा। ये विद्यार्थियों में, नवयुवकों में देशभक्ति की भावना पैदा करने में मददगार साबित होगा। मुझे नहीं लगता कि इस फैसले से किसी को आपत्ति हो सकती है।’ मंत्री विजय शाह के मुताबिक, ये कदम मध्य प्रदेश के सभी 1.22 लाख सरकारी स्कूलों पर बाध्यकारी होगा। जबकि इस संबंध में निजी स्कूलों को भी सरकार की तरफ से सलाह जारी की जाएगी।

एक अक्टूबर को भी शिक्षा मंत्री ने भी इससे मिलता-जुलता आदेश राज्य के सतना जिले के सभी स्कूलों में लागू करवाया था। उस वक्त भी उन्होंने कहा था कि अगर मिशन सफल हुआ तो वह इसके लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुमति लेकर इसे पूरे मध्य प्रदेश में लागू करने की कोशिश करेंगे। फिर चाहें वह सरकारी स्कूल हो या फिर निजी स्कूल हो। बता दें कि शिक्षा मंत्री विजय शाह मध्य प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्रियों में शामिल हैं।

कुंवर विजय शाह को राज्य के बड़े आदिवासी नेता के रूप में देखा जाता है। लेकिन उनके बयान हर बार सुर्खियां बटोरते रहते हैं। बीते 5 मई को उन्होंने बयान दिया था कि देश के इतिहास को फिर से लिखे और समीक्षा किए जाने की जरूरत है। जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, उनका कहीं नामो निशान भी नहीं रहा। जिन्होंने अंगुली भी नहीं कटवाई, उनके नाम पर स्मारक खड़े कर दिए गए। उनके इस बयान पर विपक्ष में बैठी कांग्रेस भड़क उठी थी। कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने आरोप लगाए थे कि भाजपा अब हेडगेवार और गोलवलकर को शहीदों की श्रेणी में लाना चाहती हैै।

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