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मध्य प्रदेश: 60 बच्चों को नागपुर ले जाकर बाइबल पढ़वाने वाले 9 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया

पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में हिरासत में लिए गए आरोपियों ने कहा कि वे बच्चों को समर कैंप के लिए ले जा रहे थे।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

मध्य प्रदेश में रतलाम आरपीएएफ ने फ्रीडम ऑफ रिलीज़न एक्ट के तहत 9 लोगों को हिरासत में लिया है। इन लोगों पर आरोप है कि ये कई आदिवासी बच्चों का अपहरण कर उनका धर्म-परिवर्तन कराने के लिए अपने साथ ले जा रहे थे। एक पुलिस अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार रतलाम गवर्नमेंट रेलवे पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग 60 आदिवासी बच्चों को लेकर रेल में सफर कर रहे हैं। अन्य यात्रियों को आदिवासी बच्चों की गतिविधियों पर शक हुआ, जिसके बाद उनकी शिकायत रेलवे पुलिस को की गई। आरपीएफ ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए रतलाम रेलवे स्टेशन पर बच्चों समेत 9 लोगों को पकड़ा।

पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में हिरासत में लिए गए आरोपियों ने कहा कि वे बच्चों को समर कैंप के लिए ले जा रहे थे। ये सभी बच्चे नागपुर और झबुआ के रहने वाले हैं। फिलहाल पुलिस ने इन बच्चों को रतलाम और जऔरा के शेलटर होम में देखभाल के लिए भेजा है। आरपीएफ पुलिस ने इस मामले की पुष्टि करने के लिए पुलिस की एक टीम को नागपुर भेजा और एक टीम को झाबुआ भेजा। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी झूठ बोल रहे थे, वे बच्चों को समर कैंप पर नहीं बल्कि सभी बच्चों का साथ में धर्म परिवर्तन कराना चाहते थे।

बच्चों के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि बच्चे कैंप के लिए गए हैं, लेकिन कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को नागपुर की एक जगह पर इकट्ठा कर उनसे ईसाइयों की धार्मिक किताब बाइबल पढ़वाना है। इस बात के सामने आने के बाद पुलिस का कहना है कि इस बात में कतई भी संदेह नहीं है कि आरोपी धर्म-परिवर्तन कराने के उद्देश्य से आदिवासी बच्चों को अपना शिकार बना रहे थे। रतलाम के अलावा इंदौर में भी पुलिस ने 2 लोगों को हिरासत में लिया है। ये आरोपी भी 11 आदिवासी बच्चों को लेकर नागपुर जा रहे थे।

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