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इटावा: चंबल में अब दस्यु नहीं, अजगर डराते हैं

इटावा में अजगर इस कदर निकल रहे हैं मानो यह इलाका देश दुनिया का सबसे बड़ा उनका बसेरा बन गया हो।

Author इटावा | July 26, 2017 4:12 AM
इटावा में अजगर इस कदर निकल रहे हैं मानो यह इलाका देश दुनिया का सबसे बड़ा उनका बसेरा बन गया हो।

चंबल के बच्चों पर अब दस्युओं का डर नहीं, बल्कि वहां निकल रहे अजगरों का डर हावी है। घरों मे कैद हो गए बच्चों के मां-बाप को यह भयसता रहा है कि उनके बच्चों को कहीं कोई अजगर न निगल ले। इटावा में अजगर इस कदर निकल रहे हैं मानो यह इलाका देश दुनिया का सबसे बड़ा उनका बसेरा बन गया हो। इटावा के प्रभागीय निदेशक (वन) मुकेश शर्मा का कहना है कि गांव वाले घर से निकलने से पहले सतकर्ता बरतें और सुबह शाम विशेष रूप ध्यान रखने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि अजगर सामान्यता लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाता है लेकिन जब उसकी जद मे कोई आ जाता है तो बचना काफी मुश्किल हो जाता है। अजगरों के शहर की ओर आने के पीछे मुख्य कारण जंगलों का खासी तादाद मे कटना माना जा रहा है। इसलिए अजगरों को जहां भी थोड़ी बहुत हरियाली मिलती है, वहीं पर अपना बसेरा बना लेते हैं। वह बताते हैं कि अजगर एक संरक्षित जीव है । यह मानवीय जीवन के लिए खतरनाक नहीं है परंतु सरीसृप प्रजाति का होने के कारण लोगों में इसके प्रति दहशत फैल गई है। भारत में अजगरों की संख्या काफी कम है। यही कारण है कि इन्हें संरक्षित घोषित कर दिया गया है परंतु इसके बावजूद इनके संरक्षण के लिए केंद्र अथवा राज्य सरकार ने कोई योजना नहीं बनाई है।

उत्तर प्रदेश मे पर्यावरण की दिशा मे काम रही संस्था सोसायटी फॉर कंजरर्वेसन आॅफ नेचर के सचिव संजीव चौहान और उनकी टीम की बदौलत अभी तक करीब सभी अजगर पकड़े गए हैं। चंबल घाटी के यमुना तथा चंबल क्षेत्र के मध्य तथा इन नदियों के किनारों पर सैकड़ों की संख्या में अजगर हैं। हालांकि इन अजगरों की कोई तथ्यात्मक गणना नहीं की गई है ।
चंबल के वाशिंदे बताते हैं कि देश की आजादी के बाद वह लगातार कुख्यात दस्यु गिरोहों के खौफ से जूझते रहे हैं। इन डकैतों के संरक्षण के नाम पर पुलिस की दहशत भी हमने झेली है परंतु जब पुलिस ने दर्जनों कुख्यात दस्यु सरगनाओं को मार दिया अथवा समर्पण करने को मजबूर कर दिया तो अब अजगर सहित जहरीले सांपों की दहशत से निजात मिलने की संभावनाएं कम ही नजर आ रहीं हैं। 15 जुलाई को इटावा के सहसो इलाके के चंद्रहंसपुरा में 15 फुट लंबे एक अजगर ने एक बकरी को झपट्टा मारकर निगलना शुरू किया तो नजर पड़ने पर ग्रामीणों ने अजगर को मार डाला। चंबल सेंचुरी के डीएफओ सुरेश राजपूत का कहना है कि अजगर मारने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है । इटावा मे करीब पांच साल में करीब 500 से अधिक अजगर निकल चुके हैं। करीब दो फुट से लेकर 20 फुट और पांच किलो से लेकर 50 किलो से अधिक वजन वाले अजगर निकले हंै।

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