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वीडियो: गोली चलने के बाद भड़के मंदसौर के किसान, डीएम समेत कई अधिकारियों को पीटा

सड़क पर चक्काजाम कर रहे किसानों और ग्रामीणों को समझाने जब जिलाधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक ओ. पी. त्रिपाठी मौके पर पहुंचे तो भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया।

गुस्साई भीड़ ने मंगलवार (छह जून) को इलाके में आगजनी भी की थी। (PTI Photo)

मध्य प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक किसान सड़क पर उतर कर आंदोलन कर रहे हैं। दिन-प्रतिदिन किसानों का आंदोलन हिंसात्मक होता जा रहा है। कुछ ऐसा ही नजारा मध्य प्रदेश के मंदसौर में मंगलवार को देखने को मिला। यहां किसानों का गुस्सा ऐसा फुटा कि पुलिस को काबू करने के लिए गोलीबारी करनी पड़ी। इस गोलीबारी में पांच किसानों की मौत हो गई। जब इसके बाद जिलाधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे तो भीड़ ने उन्हें भी अपना निशाना बना लिया और उनको खदेड़ कर पिटाई कर दी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक ओ. पी. त्रिपाठी के साथ भी बदसलूकी की।

प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने यहां रिपोर्टिंग करने आए पत्रकारों पर भी हमला बोला दिया। जिसमें कई पत्रकार जख्मी हो गए। बताया जा रहा है कि मंगलवार को हुई हिंसा में एक छात्र पाटीदार की भी मौत हो गई थी। किसानों और ग्रामीओं ने उसके शव के साथ बरखेड़ा पंत गांव की सड़क पर चक्का जाम किया। उनकी मांग है कि मृतक को शहीद का दर्जा दिया जाए।

सड़क पर चक्काजाम कर रहे किसानों और ग्रामीणों को समझाने जब जिलाधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक ओ. पी. त्रिपाठी मौके पर पहुंचे तो भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया। हालात बिगड़ते देख दोनों अफसरों ने वहां से निकलने की कोशिश की। वे भीड़ के बीच से भाग रहे थे तभी पीछे से लोगों ने जिलाधिकारी के सिर पर थप्पड़ जड़ दिया। वहीं पुलिस अधीक्षक से भी बदसलूकी की गई। दोनों अधिकारी किसी तरह सुरक्षित बच निकलने में सफल हुए।

जिलाधिकारी सिंह ने बताया कि मंगलवार को हुई गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हुई है। हालांकि उन्होंने पुलिस द्वारा गोलीबारी किए जाने से इंकार किया है और कहा कि उन्होंने गोलीबारी के आदेश नहीं दिए थे। वहीं मंदसौर में मंगलवार को हुई हिंसा के बाद रतलाम, नीमच जिले में मोबाइल इंटरनेट की सेवा पर रोक लगा दी गई है। पूरे मंदसौर जिले में धारा 144 लगाई गई है। विरोध कर रहे किसान अपनी फसलों के लिए ज्यादा समर्थन मूल्य समेत 20 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

इस बीच जब किसानों का आंदोलन तूल पकड़ रहा है तो कुछ राजनीतिक दल भी इस मैदान में राजनीति करने के लिए कूद पड़े हैं। सूत्रों की माने तो कांग्रेस ने मंदसौर हिंसा पर मध्य प्रदेश को बंद करने का ऐलान किया है। खबर ये भी है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष किसानों की जख्मों पर मरहम लगाने के लिए मंदसौर जा सकते हैं। राहुल गांधी भाजपा पर निशाना साधते हुए ट्वीट करके कहा है कि न्यू इंडिया में हक मांगने पर हमारे अन्नदाताओं को गोली मिलती है? वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्वजिय सिंह ने शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये तथाकथित किसान पुत्र न संघ का सगा है, न किसान का सगा है, न भाजपा का सगा है, यह सिर्फ अपने बारे में सोचता है।

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