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मध्‍य प्रदेश: शव को नदी में प्रवाहित करने जा रहे थे, चेहरा देखने के लिए कफन हटाया तो उड़ गए होश

जिले के सिविल सर्जन डॉ. अजीत मिश्रा ने कहा कि शव बदलना गंभीर बात है।जांच के बाद जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

अस्पतालों से बच्चा चुराने या बदलने की खबर तो आपने कई बार पढ़ी होगी या सुनी होगी, सिनेमा में भी देखा होगा लेकिन लाश बदलने की कहानी नहीं सुनी होगी। मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल में लाश बदलने का मामला सामने आया है। 19 साल के युवक पवन की लाश के बदले पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियों ने 36 साल के शख्स की लाश दे दी। पवन के परिजन लाश लेकर उसका अंतिम संस्कार करने नदी जा रहे थे। वहां लाश को बहाने की तैयारी कर ली गई थी, तभी रास्ते में रिश्तेदार महिलाओं ने आखिरी बार चेहरा दिखाने की जिद की। जब कफन खोलकर डेड बॉडी को देखा तो लोग चौंक गए क्योंकि लाश पवन की नहीं थी बल्कि 36 साल के विशंभर की थी। आनन-फानन में परिजन उस लाश को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहां देखा कि एक और लाश लेकर लोग जाने की तैयारी में हैं।

पवन के परिजनों ने लाश बदलने की बात पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियों से कही तो उनलोगों ने दूसरे लाश का चेहरा देखा तो वह पवन की डेड बॉडी थी। इसके बाद दोनों तरफ के परिजनों ने लाश की अदला-बदली कर ली। दरअसल, पोस्टमार्टम के बाद कर्मचारियों ने लाशों में टैग लगाने में गड़बड़ी कर दी। इससे पवन का टैग विश्भर के शव पर और विशंभर का टैग पवन के शव पर लगा दिया था। मामला उजागर होने के बाद सिविल सर्जन ने इसे लापरवाही बताया और मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

बता दें कि पवन और विशंभर, दोनों ने मंगलवार (16 जनवरी) को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पवन ने देहात थाना क्षेत्र के नालीपुरा गांव में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी जबकि विशंभर ने भी मंगलवार शाम को ही अटेर रोड बंबा किनारा में फांसी लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिंड अस्पताल लाया गया था। बुधवार (17 जनवरी) को डॉक्टरों ने कुल पांच शवों का पोस्टमार्टम किया था लेकिन कर्मचारियों ने टैग लगाने में लापरवाही कर दी। जिले के सिविल सर्जन डॉ. अजीत मिश्रा ने कहा कि शव बदलना गंभीर बात है।जांच के बाद जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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