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मध्‍य प्रदेश में गो-तस्‍कर बताकर जिनकी पिटाई की गई, वे मजदूरी की तलाश में आए थे

पिटाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
वीडियो से लिया गया स्क्रीनशॉट (Source: ANI/Representative Image)

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मजदूरों की तलाश में आए चार युवकों को कथित गो-रक्षकों व पुलिस ने मिलकर न केवल पीटा था, बल्कि गो-तस्करी का आरोपी बनाकर भेज दिया था। यह खुलासा रिहा हुए युवकों ने किया है। पिछले दिनों मोहदा थाना क्षेत्र के डुलारिया गांव में नदी में नहा रहे चार युवकों को कथित गो-रक्षकों ने गो-तस्कर बताते हुए पीटना शुरू कर दिया, इसी दौरान पहुंची पुलिस ने भी इन युवकों- सुरेंद्र, रूप सिंह, सगीर व अफजल को पीटा और गो-तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इन चारों युवकों को गुरुवार (3 अगस्‍त) की देर रात को जेल से रिहा किया गया। इन युवकों ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि वे हरदा जिले के रहटगांव से मजदूर की तलाश में डुलारिया गांव पहुंचे थे, तभी वे नदी में नहाने लगे। कुछ गोरक्षकों ने एक आदिवासी के घर में 18 मवेशियों को बंधा देखकर उन्हें गो-तस्कर बताते हुए पीटना शुरू कर दिया। बाद में पुलिस ने भी पीटा। पिटाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस अधीक्षक डी.आर. तेनीवार ने इस मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस (एसडीओ,पी) भैसदेही प्रेमसिंह ठाकुर को सौंप दी है, जो युवकों की पिटाई में पुलिस की भूमिका की जांच करेंगे। तेनीवार के मुताबिक, युवकों को पीटने वाले तीन गो-रक्षकों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।

मध्‍य प्रदेश के कई इलाकों में कथित गौ-रक्षकों द्वारा लोगों की बीफ के शक में पिटाई के मामले सामने आए हैं। 29 जुलाई को मंदसौर में भीड़ द्वारा गाय का मांस ले जाने के शक में दो मुस्लिम महिलाओं की पिटाई की गई थी। इस दौरान भीड़ गाय माता की जय का नारा लगाती रही और लोग तमाशबीन बने देखते रहे। पुलिस ने अपने एक बयान में कहा था कि वह गाय का नहीं भैस का मांस था जिसपर बैन नहीं लगा है। पुलिस ने बिना परमिट के मांस का निर्यात करने का केस दर्ज किया। इन महिलाओं पर तो कार्रवाई की गई लेकिन उनपर हमला करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

मध्‍य देश में इस साल गौरक्षा के नाम पर अभी तक मुस्लिमों पर किए गए 27 हमलों के मामले दर्ज हो चुके हैं। पिछले आठ सालों में गाय से संबंधित हमलों के 70 मामले दर्ज हुए है।

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