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मध्‍य प्रदेश के मौसम विभाग की सलाह- आसमानी बिजली से बचना है तो मोबाइल इस्‍तेमाल न करें

मध्य प्रदेश में हर साल सिर्फ बिजली गिरने से 1000 से 1500 लोगों की मौत होती है। पिछले 24 घंटे के भीतर ही पूरे मध्य प्रदेश में छह लोगों की मौत सिर्फ बिजली गिरने के कारण हुई है। हिदायत है कि लोग बरसात के दौरान खुले इलाकों में जाने से बचें।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

मानसून के आगमन के साथ ही मध्य प्रदेश में तूफान आने और बिजली गिरने का खतरा बढ़ गया है। मध्य प्रदेश के मौसम विभाग ने चार हिस्सों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने कहा है कि शुक्रवार तक खुले में मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचें क्योंकि इससे आप पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बढ़ सकता है। मध्य प्रदेश के मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक जी​डी मिश्रा ने कहा कि जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून में बिजली गिरने के सर्वाधिक मामले सामने आते हैं। उन्होंने कहा,”हमने लोगों को आम चेतावनी जारी की है ताकि वह बिजली गिरने के खतरे से खुद को बचा सकें। आमतौर पर बरसात में लोग पेड़ों के नीचे शरण ले लेते हैं या फिर मोबाइल फोन पर बात करने लगते हैं। इससे उन पर बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है।”

पिछले 24 घंटे के भीतर ही पूरे मध्य प्रदेश में छह लोगों की मौत सिर्फ बिजली गिरने के कारण हुई है। मौसम वैज्ञानिक जीडी मिश्रा ने बताया कि लोगों को हिदायत दी जाती है कि बरसात के दौरान वह खुले इलाकों और पानी वाले इलाकों जैसे नदी और तालाब के पास जाने से बचें। बिजली गिरने का सर्वाधिक खतरा जून और जुलाई के महीनों में ही होता है।

मौसम विभाग के ही अन्य वैज्ञानिक विवेक छालोतरे बरसात या तूफान में मोबाइल फोन इस्तेमाल न करने के पीछे एक और ही कारण बताते हैं। उनके मुताबिक,”मोबाइल फोन में इलेक्ट्रानिक पुर्जे होते हैं। उनकी कार्यप्रणाली भी बिजली के सर्किट पर काम करती है। मोबाइल फोन में चार्ज करने वाली बैटरी भी लगी होती है। अगर खराब मौसम में कोई भी शख्स सेलफोन का इस्तेमाल करता है, तो ​आकाशीय बिजली फोन के जरिए अर्थिंग पाने की कोशिश कर सकती है। इससे कॉल करने वाले को आकाशीय बिजली अपनी चपेट में ले लेती है।” आपदा प्रबंधन संस्थान के दावों के मुताबिक,’पूरे मध्य प्रदेश में हर साल सिर्फ बिजली गिरने से 1000 से 1500 लोगों की मौत होती है।

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