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कांग्रेस विधायक ने पुलिस को कहा- अगर नहीं कर सकते महिलाओं की सुरक्षा तो आग लगा दो थाने को

बता दें कि हाल में एक वीडियो सामने आया था जिसमें कांग्रेस विधायक भीड़ को उकसाती हुई नजर आ रही हैं और थाने को फूंकने की बात कहती हुई नजर आ रही हैं।

कांग्रेस विधायक शकुतंला अपने बयानों की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। (photo source ANI)

मध्य प्रदेश के मंदसौर में उग्र हुए किसानों आदोंलन के दौरान कथित तौर पर भीड़ को भड़काने के आरोप का सामना कर रहीं कांग्रेस विधायक शकुंतला खटीक ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है। सोमवार (12 जून, 2017) को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए शकुंतला ने कहा, ‘मैंने भीड़ को नहीं भड़काया। क्या वे चुप रहे, क्या मैंने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा था?’ खटीक ने कहा कि उन्होंने सिर्फ पुलिसकर्मियों पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा था, अगर पुलिसकर्मी महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकते तो थाने को आग लगा दो। बता दें कि हाल में एक वीडियो सामने आया था जिसमें कांग्रेस विधायक भीड़ को उकसाती हुई नजर आ रही हैं और थाने को फूंकने की बात कहती हुई नजर आ रही हैं। वहीं वीडियो में अन्य पुलिसकर्मी विधायक से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं मामला सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) ने कांग्रेस विधायक को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। साथ ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से पार्टी नेताओं के गैर जिम्मेदार बयान दिए जाने पर माफी मांगने की मांग की है।

दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन में कुछ अन्य कांग्रेस नेता भी कैमरे में कैद हो गए जो हिंसा को बढ़ावा देते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस स्टेशन को आग लगाने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। मामले में भाजपा नेता एस प्रकाश ने एएनआई को बताया, ‘कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस नेता सिर्फ वोटों को लिए हिंसक प्रदर्शन करते हुए नजर आए। कांग्रेस को अपनी इस हरकत के लिए जवाब देना चाहिए। और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी नेताओं के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए। मैं सरकार से तुंरत ऐसे अराजत तत्वों को गिरफ्तार किए जाने की मांग करता हूं और मध्य प्रदेश में सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की मांग करता हूं।’

बता दें कि राज्य में एक जून से 10 जून तक चले किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में 6 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे। जिसके बाद सूबे में शांति के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद उपवास पर बैठ गए थे। हालांकि दो दिन बाद सीएम ने अपना उपवास तोड़ दिया। इस दौरान शिवराज सिंह ने कहा कि राज्य में जब-जब किसानों पर संकट आया, मैं सीएम आवास से निकलकर किसानों के पास पहुंचा। हम नए आयोग का गठन करेंगे जो फसलों की सही लागत तय करेगा। उस लागत के हिसाब से किसानों को सही कीमत दिलाएंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान आग ना लगाएं बल्कि हमसे बातचीत करें। शिवराज से मुलाकात के लिए आए एक मृतक के पिता ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री से उपवास तोड़ने की अपील की है। ये भी कहा कि सीएम हमारे बारे में सोचें और दोषियों को सजा दें। बता दें कि बीते शनिवार को सूबे में शांति बहाली ना होने तक उन्होंने उपवास पर रहने का ऐलान किया था।

देखें वीडियो, किसान आंदोलन: आरएसएस नेता ने ही कर रखा है शिवराज सरकार की नाक में दम

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