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मध्य प्रदेश: सिहोर में पड़े ओले तो बोले पूर्व भाजपा विधायक- रोज हनुमान चालीसा पढ़ें, नहीं आएगी ऐसी विपदा

सक्सेना ने कहा कि चूंकि वैज्ञानिकों ने बताया है कि अगले चार से पांच दिन तक प्राकृतिक प्रकोप रहेगा। ओले के साथ-साथ बारिश भी होगी। इसलिए सभी किसान भाई प्रतिदिन एक घंटा हुनमान चालीसा का पाठ करें।

मध्य प्रदेश के सिहोर से पूर्व भाजपा विधायक रमेश सक्सेना। (फोटो- ANI)

मध्य प्रदेश के सिहोर में बेमौसम बारिश और ओले पड़ने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे वहां के किसान परेशान हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक खराब मौसम का प्रकोप अभी तीन-चार दिन और रहेगा। इससे बचने के लिए सिहोर के पूर्व भाजपा विधायक रमेश सक्सेना ने सभी किसानों से हनुमान चालीसा का पाठ करने का अनुरोध किया है। भाजपा नेता ने दावा किया है कि अगर हर गांव में एक घंटे हनुमान चालीसा का प्रतिदिन पाठ लोगों ने कर लिया तो इस प्राकृतिक आपदा से निपटा जा सकता है। उन्होंने इस बावत लोगों से निवेदन किया है कि पांच दिनों तक प्रतिदिन एक घंटा हनुमान चालीसा का पाठ करें। सक्सेना ने कहा कि चूंकि वैज्ञानिकों ने बताया है कि अगले चार से पांच दिन तक प्राकृतिक प्रकोप रहेगा। ओले के साथ-साथ बारिश भी होगी। इसलिए सभी किसान भाई प्रतिदिन एक घंटा हुनमान चालीसा का पाठ करें।

बता दें कि सिहोर और इसके आसपास तेज हवा के साथ न केवल बेमौसम बारिश हुई है बल्कि ओले भी पड़े हैं। इससे गेहूं और चना की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ा है। आमतौर पर इस समय ये दोनों फसल खेतों में तैयार हो चुके होते हैं और दस दिनों के अंदर होली के आसपास इसकी कटाई शुरू होती है मगर ओलावृष्टि ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। भोपाल, सिहोर, विदिशा, होशंगाबाद समेत कई जिलों में लाखों हेक्टेयर में गेहूं और चना की फसल बर्बाद हो गई है। फसलें गिरकर खेतों में समा गई हैं। ओले पड़ने से फसलों की फली के दाने निकल गए हैं।

वीडियो- सिहोर में ओलावृष्टि

मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान हुई बारिश और ओलावृष्टि ने बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है। वहीं, बिजली गिरने से छह लोगों की मौत की खबर है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के नुकसान की भरपाई का भरोसा दिलाया है। राज्य की राजधानी सहित 12 से ज्यादा जिलों में रविवार को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और फिर सड़कों और खेतों में ओलों की चादर बिछ गई। इस समय गेहूं, सरसों और चना की फसल लगभग पक चुकी है। आने वाले दिनों में उसकी कटाई का भी क्रम शुरू होने वाला था। मौसम में आए इस बदलाव से कई हिस्सों में तो 80 फीसदी तक फसल चौपट हो गई है।

मौसम में आए बदलाव से कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली भी गिरी। विभिन्न स्थानों से आई खबरों के अनुसार, मुरैना में दो और दतिया, भिंड, छतरपुर, सागर में बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों के जिलाधिकारियों को तत्काल फसल हानि का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। चौहान ने किसानों को आश्वस्त किया है कि ओलावृष्टि के कारण फसलों की क्षति की भरपाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि किसान चिंता न करें। संकट की घड़ी में सरकार सदैव की तरह उनके साथ है। मुख्यमंत्री ने ओलावृष्टि से प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसल के नुकसान के मूल्यांकन के लिए तत्काल टीमें भेजकर हानि का आकलन करवाएं ताकि समय पर किसानों को उचित मुआवजा दिया जा सके।

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