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एमपी: जिनके दम पर बीजेपी ने लगाई जीत की हैट्रिक- फिर हुए बागी, करेंगे आंदोलन, टेंशन में ‘शिव राज’

पिछले साल भी किसानों ने कर्ज माफी एवं अपनी उपज के वाजिब दामों सहित विभिन्न मांगों के लिए एक जून से 10 जून तक आंदोलन किया था। इस दौरान छह जून को पुलिस की गोलीबारी में इस आंदोलन के मुख्य केन्द्र मंदसौर में छह किसानों की मौत हो गई थी।

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान।(फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को किसान नेता और किसानों का हितैषी कहा जाता है। इसी वजह से शिवराज जीत की हैट्रिक लगाने में कामयाब रहे हैं लेकिन अब उनके राज्य के किसान उन्हीं के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। पश्चिम मध्य प्रदेश में पिछले साल हुए किसान आंदोलन के एक साल बाद फिर से इन्हीं किसानों ने शिवराज सिंह चौहान की सरकार के खिलाफ आंदोलन का एलान किया है। किसानों ने एक जून से 10 जून तक आंदोलन का एलान किया है। बता दें कि इस साल के अंत तक मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में किसानों का यह आंदोलन भाजपा के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

पिछले साल भी किसानों ने कर्ज माफी एवं अपनी उपज के वाजिब दामों सहित विभिन्न मांगों के लिए एक जून से 10 जून तक आंदोलन किया था। इस दौरान छह जून को पुलिस की गोलीबारी में इस आंदोलन के मुख्य केन्द्र मंदसौर में छह किसानों की मौत हो गई थी। उसके बाद प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हिंसा, लूट, आगजनी एवं तोड़फोड़ हुई थी। राष्ट्रीय किसान महासंघ के संयोजक शिवकुमार शर्मा ने बताया, ‘‘हमने समूचे देश में एक जून से 10 जून तक ‘ग्राम बंद’ का आह्वान किया है। इस दौरान छह जून को किसान संघों के प्रतिनिधि मंदसौर में इकट्ठा होंगे और पिछले साल छह जून को पुलिस की गोलीबारी में मारे गये किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।’’

कक्काजी के नाम से मशहूर शर्मा ने कहा कि कर्ज माफी एवं अपनी उपजों के वाजिब दामों सहित विभिन्न मांगों के लिए किसान यह आंदोलन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय किसान महासंघ को यह आंदोलन करने के लिए देश के 170 किसान संघों का समर्थन हासिल है। शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले साल उनके आंदोलन को मध्य प्रदेश सरकार ने चालाकी से दबाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, ‘‘चौहान ने अपने चहेते कुछेक किसान संघों की पांच जून 2017 को उज्जैन में बैठक बुलाई और घोषणा कर दी कि किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है। इसके अगले ही दिन आंदोलनरत छह किसानों की मंदसौर में पुलिस गोलीबारी में जान चली गई। मुख्यमंत्री ने किसानों को धोखा दिया। इसलिए हम इस साल छह जून को ‘विश्वासघात दिवस’ मनाएंगे।’’

शर्मा ने बताया कि एक जून से 10 जून तक किसान शहरों में दूध, अनाज एवं साग-सब्जियों की आपूर्ति बंद रखेंगे। एक अन्य किसान नेता केदार सिरोही ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की हालत बहुत खराब है। पिछले साल हुए मंदसौर गोलीकांड के बाद से मध्य प्रदेश में 800 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है। उधर, मध्य प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने बताया कि इस प्रस्तावित किसान आंदोलन का कोई असर नहीं होगा, क्योंकि सरकार की विभिन्न योजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचा है।

रावत ने बताया, ‘‘कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए किसानों को भड़का रहे हैं। हमने हाल ही में ‘किसान सम्मान यात्रा’ आयोजित की और किसानों को उनके लिए चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया। हम किसानों का सम्मान करते हैं। हम मंदसौर भी गये थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने किसानों की अधिकतर समस्याओं को दूर कर दिया है और बाकी समस्याओं को भी जल्द ही दूर कर दिया जाएगा।’’

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