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मध्य प्रदेश: पेड़ से फांसी लगाकर किसान ने की आत्महत्या

मध्य प्रदेश में एक किसान के पेड़ से खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है।

चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है।

मध्य प्रदेश में एक किसान के पेड़ से खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। समाचार एजंसी एएनआई के मुताबिक यह जानकारी सामने आ रही है। राज्य में होशंगाबाद के सिओनी माल्वा इलाके में 68 साल के किसान ने खुद को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान का नाम माखन लाल डिंगोलिया बताया जा रहा है। बता दें मंदसौर में किसान अपनी मांगो को लेकर बड़े पैमाने पर आंदोलन कर रहे हैं। किसनों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य और कर्ज माफी समेत कई मांगे उठाई हैं। इस आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया था जिसके चलते पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गई थी। किसानों की मौत के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनके परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की घोषणा की थी।

गौरतलब है कि किसान द्वारा आत्महत्या किए जाने का यह पहला मामला नहीं है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार साल 2015 में सूखे और कर्ज के कारण 12602 किसानों और कृषि मजदूरों ने आत्महत्या कर ली थी। ‘एक्सिडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड इन इंडिया 2015’ नामक रिपोर्ट के अनुसार साल 2014 के मुकाबले 2015 में किसानों और कृषि मजदूरों की कुल आत्महत्या में दो फीसदी की बढ़ोतरी हुई। साल 2014 में कुल  12360 किसानों और कृषि मजदूरों ने आत्महत्या की थी। रिपोर्ट के मुताबिक किसानों, कृषि मजदूरों की आत्महत्या के पीछे कंगाली, कर्ज और खेती से जुड़ी दिक्कतों को प्रमुख वजह बताया गया था। इन तीन कारणों से करीब 38.7 फीसदी किसानों ने आत्महत्या की। आंकड़ों के अनुसार आत्महत्या करने वाले 73 फीसदी किसानों के पास दो एकड़ या उससे कम जमीन थी।

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वहीं बीते फरवरी महीने में मध्य प्रदेश के ही किसानों की आत्महत्या को लेकर एक बीजेपी विधायक का बेतुके बयान काफी सुर्खियां में रहा था। मध्य प्रदेश में हुजूर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा था कि राज्य में किसान सब्सिडी पाने की कोशिश में आत्महत्या करते हैं। जिन्हें सब्सिडी नहीं मिलती वे किसान आत्महत्या कर लेते हैं।

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