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मध्यप्रदेश में दिंग्विजय सिंह को मिली नई जिम्मेदारी, बने कांग्रेस कोऑर्डिनेशन कमिटी के सदस्य

पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को मध्य प्रदेश को-ऑर्डिनेशन कमेटी का प्रमुख बनाया गया है। तालमेल कमेटी में 12 अन्य सदस्यों की नियुक्ति भी की गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव प्रचार समीति के प्रमुख का कमान सौंपा गया है। सिंधिया के साथ इस कमेटी में 15 लोग होंगे।

मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह को तालमेल कमेटी का प्रमुख बनाया गया है।

इसी साल के अंत में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है और मध्य प्रदेश में पार्टी ने कई स्तर पर बदलाव भी किये हैं। पार्टी ने अब प्रदेश कार्यसमिति का गठन कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को मध्य प्रदेश को-ऑर्डिनेशन कमेटी का प्रमुख बनाया गया है। तालमेल कमेटी में 12 अन्य सदस्यों की नियुक्ति भी की गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनाव प्रचार समीति के प्रमुख का कमान सौंपा गया है। सिंधिया के साथ इस कमेटी में 15 लोग होंगे।

सुरेश पचौरी को इलेक्शन प्लानिंग कमेटी का प्रमुख बनाया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की तऱफ से एक प्रेस रिलीज जारी की गई है। इस प्रेस रिलीज में पार्टी महासचिव अशोक गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के हवाले से इस बात का एलान किया है। कांग्रेस ने राज्य में 20 जिलाध्यक्षों के नाम का ऐलान भी किया है। बता दें कि कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के दौरान कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रचार समित की कमान सौंपी थी। इसके अलावा कांग्रेस ने प्रदेश में चार कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए थे।

पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में मेनीफेस्टो कमेटी, अनुशासनात्मक कमेटी और मीडिया कमेटी के गठन की भी घोषणा की है। अनुशासनात्मक कार्रवाई कमेटी की जिम्मेदारी हजारीलाल रघुवंशी को दी गई है। इस कमेटी में उनके साथ 5 लोग शामिल होंगे। मीडिया और संवाद कमेटी का प्रमुख माणक अग्रवाल को बनाया गया है। कर्नाटक चुनाव के बाद अब कांग्रेस की नजर राजस्थान और मध्य प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों पर टिकी है। मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी को नई धार देने की कोशिश में है।

राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की स्थिति, साधु को मंत्री पद दिये जाने समेत कई अन्य मुद्दों पर कांग्रेस बीजेपी को घेरने की तैयारी में है। पार्टी की कमान राहुल गांधी के हाथ में आने के बाद पार्टी ने पहला चुनाव कर्नाटक में लड़ा था, हालांकि इस चुनाव में कांग्रेस को पिछली बार से भी कम सीटें मिली थीं, लेकिन पार्टी ने यहां जेडीएस के साथ गठबंधन कर सरकार बना ली।

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