ताज़ा खबर
 

यहां बच्चा पैदा करने वाली महिला को परंपरा के नाम पर पांच दिन तक रखा जाता है भूखा

यहां परंपरा है कि जो भी महिला बच्चे को जन्म देगी, उसे पांच दिन तक खाने को कुछ नहीं दिया जाता।

आदिवासी महिला कप्सरा अपने बच्चे के साथ

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बच्चे को जन्म देने वाली महिला पर अंधविश्वास के नाम पर अत्याचार किए जाने का मामला सामने आया है। ताजा मामला 1 फरवरी का है, जहां छग्गु नाम के एक आदिवासी की पत्नी कप्सर को प्रसव के लिए पास के जिला अस्पताल में ले जाया गया। कप्सर ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। लेकिन तभी से कप्सर को कुछ खाने के लिए नहीं दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कप्सर बच्चे को जन्म देने से पहले से ही कमजोर थी। ऐसे में परंपरा के नाम पर कप्सर के साथ घोर अन्याय किया जा रहा है। इस अंधविश्वास की वजह से कप्सर की जान पर भी बना सकती है।

कप्सर को पिछले 4 दिनों से कोई पोषण आहार नहीं दिया जा रहा है। जिस वजह से उसकी हालत नाजुक होती जा रही है। ससुराल वाले उसे खाने के नाम पर
सिर्फ चाय और बिस्किट दे रहे हैं।

पन्ना जिले से महज 10 किलोमीटर दूर मनोर नाम के गांव में आदिवासी रहते हैं। इनके यहां परंपरा है कि जो भी महिला बच्चे को जन्म देगी, उसे पांच दिन तक खाने को कुछ नहीं दिया जाता। परिजनों ने बताया कि हमारी परंपरा है कि बच्चे को जन्म देने के बाद मां को भूखा 5 दिनों तक भूखा रखा जाता है। उसके बाद छठे दिन पूजा के बाद कुछ खाने को दिया जाता है।

साथ ही उन्होंने बताया कि अगर हम यह परंपरा तोड़ देंगे तो देवी-देवता नाराज हो जाएंगे।

हम जानते हैं कि उसकी हालत खराब है वह कमजोर है। इसलिए हमने डाक्टरों से कहा है कि ग्लूकोज चढ़ा दो पर हम खाने को नहीं देंगे। चाहे वह भले ही कमजोर हो जाए। हम पूजा-पाठ करने के बाद ही उसे कुछ अच्छा खाने पीने को देंगे। छग्गु के परिजनों ने बताया कि अगर ऐसे में इसे कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार हम होंगे।

देखिए वीडियो - झारखंड में लगता है भूतों का मेला, परंपरा के नाम पर जारी है अंधविश्‍वास

ये वीडियो भी देखिए - ओडिशा में ट्रांसजेडर महिला ने रचाई पुरूष से शादी

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App